रूस जाने की इतनी बड़ी सजा

रूस जाने की इतनी बड़ी सजा: गुस्साए जेलेंस्की ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव का यूक्रेन दौरा किया रद्द

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने रूस के खिलाफ उनकी कार्रवाई को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस के यूक्रेन दौरे को रद्द कर दिया है। यह निर्णय उस समय लिया गया, जब रूस ने हाल ही में यूक्रेन के क्षेत्र में आक्रामकता बढ़ाई है और इसके चलते स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई है।

क्या है मामला?

रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध ने स्थिति को और भी बिगाड़ दिया है। जेलेंस्की ने गुटेरेस के संभावित दौरे के संदर्भ में स्पष्ट किया कि जब तक रूस की आक्रामकता पर काबू नहीं पाया जाता, तब तक यूक्रेन में कोई भी महत्वपूर्ण वार्ता या दौरा संभव नहीं है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि संगठन प्रभावी तरीके से कार्रवाई नहीं कर सकता है, तो इसकी विश्वसनीयता में कमी आएगी।

गुस्से का कारण

जेलेंस्की का गुस्सा उस समय और बढ़ गया जब रूस ने यूक्रेन के शहरों पर और अधिक हमले तेज कर दिए। यूक्रेन के नागरिकों और बुनियादी ढांचे पर हमलों की बढ़ती संख्या ने उन्हें मजबूर किया कि वे अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस पर ठोस कदम उठाने का आह्वान करें। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र को अपनी जिम्मेदारियों को निभाते हुए रूस की इस आक्रामकता का सामना करने की आवश्यकता है।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव की प्रतिक्रिया

गुटेरेस ने यूक्रेन दौरे की योजनाओं को स्थगित करने की पुष्टि की है और इस मामले में गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि वह यूक्रेन के संकट को सुलझाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं, लेकिन जेलेंस्की के गुस्से को भी समझते हैं। गुटेरेस ने इस संकट के समाधान के लिए सभी पक्षों से शांतिपूर्ण वार्ता की अपील की है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

इस घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिक्रियाएं उत्पन्न की हैं। कई देशों ने यूक्रेन के प्रति समर्थन व्यक्त किया है और रूस की आक्रामकता की निंदा की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति न केवल यूक्रेन बल्कि पूरे क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता को प्रभावित कर सकती है।

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