ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर बंद होने से बुराड़ी में हंगामा, युवाओं ने उठाई आवाज

बुराड़ी ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर बंद, युवा हुए परेशान

बुराड़ी में स्थित ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर, जिसे ‘सोसाइटी फॉर ड्राइवर ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट’ के नाम से जाना जाता है, पिछले कुछ हफ्तों से विवादों में है। यहां हर दिन सैकड़ों युवा ड्राइविंग लाइसेंस और ट्रेनिंग के लिए आते थे। लेकिन हाल ही में इस सेंटर का संचालन अचानक बंद कर दिया गया, जिससे लाइसेंस के इच्छुक युवाओं को काफी परेशानी हो रही है।”


2005 से संचालित बुराड़ी ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर का हुआ लाइसेंस समाप्त

इस सेंटर की शुरुआत जुलाई 2005 में हुई थी। तब से अब तक यह दिल्ली और पड़ोसी राज्यों के लाखों युवाओं को ड्राइविंग की प्रशिक्षण सेवाएं दे चुका है। हाल ही में इस संस्थान का फॉर्म 11 लाइसेंस समाप्त हो गया और नया लाइसेंस जारी न होने के कारण इसका संचालन रुक गया है। संस्थान ने लाइसेंस रिन्यूअल के लिए फाइल ट्रांसपोर्ट विभाग को सौंप दी है, लेकिन कोई अंतिम निर्णय नहीं आया है।


युवाओं के भविष्य पर संकट | बुराड़ी ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर बंद होने का असर

हर महीने इस केंद्र में 700 से ज्यादा युवा एचएमवी (Heavy Motor Vehicle) लाइसेंस के लिए आवेदन करते हैं। खासकर, दिल्ली पुलिस में भर्ती की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए यह एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। अब सेंटर बंद होने से उनकी प्रक्रिया अधूरी रह गई है।


मलिकपुर में शिफ्ट करने की योजना अधूरी | क्यों हुआ विरोध

ट्रांसपोर्ट विभाग की योजना है कि इस सेंटर को मलिकपुर स्थानांतरित किया जाए। लेकिन मलिकपुर में न तो कोई इमारत बनी है और न ही चारदीवारी तैयार है। ऐसे में यह निर्णय अव्यवस्थित और जल्दबाजी में लिया गया लगता है।


दिल्ली में ड्राइविंग ट्रेनिंग की रीढ़ बन चुका है यह संस्थान

बुराड़ी ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर केवल दिल्ली ही नहीं, बल्कि उत्तर भारत के अन्य राज्यों जैसे हरियाणा, उत्तर प्रदेश और पंजाब से भी छात्रों को आकर्षित करता है। यहां से प्रशिक्षित ड्राइवर न केवल निजी रोजगार प्राप्त करते हैं, बल्कि सरकारी विभागों में भी सेवाएं देते हैं।


स्थानीय लोगों की आजीविका पर भी पड़ा असर

यह संस्थान सिर्फ प्रशिक्षण केंद्र नहीं है, बल्कि आसपास के हजारों परिवारों की आजीविका का साधन भी है। कई स्थानीय लोग संस्थान से जुड़े हुए हैं – चाहे वह प्रशिक्षक हों, सफाईकर्मी, कैफेटेरिया संचालक या तकनीकी स्टाफ।


प्रदर्शन और युवाओं ने उठाई आवाज

सोमवार को गुस्साए युवाओं ने सेंटर के गेट पर प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रशासन से सेंटर को फिर से शुरू करने की मांग की।


सरकार का अगला कदम क्या होगा?

फिलहाल, सरकार की ओर से इस विषय पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन युवाओं का आक्रोश इस बात का संकेत है कि अगर समय रहते समाधान नहीं हुआ, तो यह मुद्दा और गंभीर हो सकता है।

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