राष्ट्रपति से सीएबीआई अध्यक्ष की मुलाकात

भारतीय दृष्टिबाधित क्रिकेट संघ (सीएबीआई) के अध्यक्ष महंतेश जी. किवादासन्नावर ने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। इसमें उन्होंने 11 से 25 नवंबर तक चलने वाले पहले महिला दृष्टिबाधित टी20 विश्व कप के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी। उनके साथ पूर्व विदेश एवं संस्कृति राज्य मंत्री और आयोजन समिति की अध्यक्ष मीनाक्षी लेखी भी उपस्थित थीं।

महंतेश जी. किवादासन्नावर ने कहा, "यह मेरे लिए सम्मान की बात है। उन्होंने राष्ट्रपति को आश्वस्त किया कि यह इवेंट दुनिया भर की दृष्टिबाधित महिला क्रिकेटरों के साहस और समर्पण का सम्मान करेगा।

महिला दृष्टिबाधित टी20 विश्व कप में राष्ट्रपति का समर्थन मीनाक्षी लेखी ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु सभी महिलाओं के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने बताया कि दृष्टिबाधित पुरुष और महिलाएं इस पूरे सफर में राष्ट्रपति से मिले समर्थन के लिए आभारी हैं।

भारत और श्रीलंका मिलकर इस ऐतिहासिक महिला दृष्टिबाधित टी20 विश्व कप की सह-मेजबानी करेंगे। टूर्नामेंट का लक्ष्य महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समान अवसर प्रदान करना और उनके खेल कौशल को पहचान दिलाना है।

टूर्नामेंट का शेड्यूल और मेजबानी यह विश्व कप तीन बड़े शहरों – नई दिल्ली, बेंगलुरु और कोलंबो – पर आयोजित होगा। इसमें सात देशों की टीमें भाग लेंगी – भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, नेपाल, पाकिस्तान, श्रीलंका और अमेरिका।

टूर्नामेंट के दौरान 21 लीग मैच, दो सेमीफाइनल और एक फाइनल खेला जाएगा। विशेष रूप से यह तय किया गया है कि अगर पाकिस्तान फाइनल में पहुँचता है, तो खिताबी मुकाबला कोलंबो में खेला जाएगा।

भारतीय महिला दृष्टिबाधित टीम की उपलब्धियां भारतीय महिला दृष्टिबाधित क्रिकेट टीम ने 2023 में आईबीएसए विश्व खेलों के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराकर स्वर्ण पदक जीता था। उसी ऐतिहासिक जीत के ठीक दो साल बाद यह महिला दृष्टिबाधित टी20 विश्व कप आयोजित हो रहा है।

यह उपलब्धि भारतीय टीम के आत्मविश्वास और मेहनत को दिखाती है। टीम ने यह साबित किया है कि सफलता हासिल की जा सकती है चुनौतियों के बावजूद।

महिला दृष्टिबाधित टी20 विश्व कप के लिए भारतीय टीम भारत की टीम तीन श्रेणियों – बी1, बी2 और बी3 – से खिलाड़ियों के साथ चुनी गई है।

बी1 श्रेणी की खिलाड़ी

  • सिमू दास (दिल्ली)
  • पी. करुणा कुमारी (आंध्र प्रदेश)
  • अनु कुमारी (बिहार)
  • जमुना रानी टुडू (ओडिशा)
  • काव्या वी (कर्नाटक)

बी2 श्रेणी की खिलाड़ियों

  • अनेखा देवी (दिल्ली)
  • बसंती हंसदा (ओडिशा)
  • सिमरनजीत कौर (राजस्थान)
  • सुनीता सराठे (मध्य प्रदेश)
  • पारबती मारंडी (ओडिशा)

बी3 श्रेणी की खिलाड़ियों

  • दीपिका टीसी (कर्नाटक – कप्तान)
  • फूला सोरेन (ओडिशा)
  • गंगा एस कदम (महाराष्ट्र – उप कप्तान)
  • काव्या एनआर (कर्नाटक)
  • सुषमा पटेल (मध्य प्रदेश)
  • दुर्गा येवले (मध्य प्रदेश)

महिला दृष्टिबाधित टी20 विश्व कप का महत्व यह विश्व कप सिर्फ खेल आयोजन नहीं है, बल्कि यह दृष्टिबाधित महिलाओं के आत्मविश्वास और क्षमता को दुनिया के सामने लाने का माध्यम भी है। इस प्रतियोगिता से उन्हें खेल के क्षेत्र में पहचान और सम्मान मिलेगा। भारत की मेजबानी और राष्ट्रपति का समर्थन इस टूर्नामेंट को और भी खास बना देता है।

Sunil Sharma | The Morning Star

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