न्यूयॉर्क में ऐतिहासिक त्रिपक्षीय बैठक

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र के अवसर पर न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में एक अहम बैठक आयोजित हुई। इसमें अफ्रीकी संघ (एयू), यूरोपीय संघ (ईयू) और संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के शीर्ष नेताओं ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य अफ्रीका में शांति स्थापित करना और सतत विकास को नई दिशा देना था। इस बैठक में एयू आयोग के अध्यक्ष महमूद अली यूसुफ, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस शामिल हुए।

बहुपक्षवाद पर जोर बैठक के बाद जारी संयुक्त विज्ञप्ति में तीनों संगठनों ने बहुपक्षवाद को वैश्विक चुनौतियों का सामना करने का सबसे प्रभावी तरीका बताया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कानून, मानवीय कानून और मानवाधिकार कानून के उल्लंघन की घटनाओं पर चिंता व्यक्त की और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के पालन के महत्व को दोहराया।

अफ्रीका में शांति की दिशा बैठक में अफ्रीका में चल रहे संघर्षों और शांति प्रयासों पर चर्चा हुई। विशेष रूप से सूडान में युद्ध को समाप्त करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। आतंकवादी सशस्त्र समूहों के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने और सहेल क्षेत्र में सुलह एवं विकास को प्रोत्साहित करने के उपायों पर भी विचार किया गया। तीनों संगठनों ने लीबिया में राजनीतिक प्रक्रिया को पुनर्जीवित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के रोडमैप का समर्थन किया। इसके अलावा, पूर्वी डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में शांति पहलों और सोमालिया में अफ्रीकी संघ के समर्थन मिशन की सराहना की गई।

यूएन सुरक्षा परिषद प्रस्ताव 2719 पर जोर वन बैठक में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रस्ताव 2719 को लागू करने की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया गया। इस प्रस्ताव में अफ्रीकी संघ के नेतृत्व वाले शांति अभियानों के लिए वित्तपोषण का प्रावधान है। तीनों संगठनों ने कहा कि इस प्रस्ताव को लागू करने से अफ्रीका में स्थायी शांति और विकास की दिशा में क्रांतिकारी कदम होगा। विकास और वित्तीय सहयोग संयुक्त विज्ञप्ति में भी अफ्रीका में विकास को गति प्रदान करने के लिए वित्त पोषण, निवेश और ऋण समाधान की महत्वपूर्णता पर जोर दिया गया। नेताओं ने सेविला प्रतिबद्धता को लागू करने, जी20 के माध्यम से ऋण संकट का समाधान करने और बहुपक्षीय विकास बैंकों में सुधार की दिशा में और आगे बढ़ने की अपील की।

जलवायु परिवर्तन पर चिंता नेताओं ने जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न वैश्विक चुनौतियों पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इसके प्रभाव सबसे कमजोर आबादी को असमान रूप से प्रभावित कर रहे हैं। बैठक में ब्राजील में नवंबर में होने वाले कॉप-30 सम्मेलन में महत्वाकांक्षी प्रतिबद्धताओं की अपील की गई। भविष्य की योजनाएं तीनों संगठनों ने सहमति व्यक्त की कि फिर से 2026 में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के अवसर पर बैठक आयोजित की जाएगी। इसका उद्देश्य त्रिपक्षीय सहयोग को और भी मजबूत करना और अफ्रीका के लिए शांति और विकास की दिशा में कदम बढ़ाना होगा।

Report By: Sunil Sharma | The Morning Star

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