“हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में हुई घटना ने देशभर में हलचल मचा दी है। CJI BR गवई सनातन धर्म विवाद उस समय सुर्खियों में आया जब वकील राकेश किशोर ने अदालत में जूता फेंकने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि न्यायपालिका सनातन धर्म से जुड़े मामलों में पक्षपात करती है।”
राकेश किशोर का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट जब भी हिंदू परंपराओं जैसे जल्लिकट्टू, दही हांडी या मंदिर प्रथाओं से जुड़े मामलों की सुनवाई करता है, तब प्रतिबंधात्मक आदेश पारित करता है। उन्होंने कहा कि गवई सनातन धर्म विवाद ने न्यायपालिका की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।”
भाजपा ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि संविधान की गरिमा बनाए रखना हर नागरिक का कर्तव्य है। वहीं विपक्षी दलों ने इसे लोकतंत्र और न्यायपालिका पर हमला बताया। द मॉर्निंग स्टार के अनुसार, इस विवाद ने समाज में धार्मिक स्वतंत्रता और न्यायिक संतुलन पर गंभीर बहस छेड़ दी है।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न)
प्रश्न 1: गवई सनातन धर्म विवाद क्या है?CJI BR
यह विवाद तब शुरू हुआ जब सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान वकील राकेश किशोर ने गवई पर सनातन धर्म के खिलाफ पक्षपात का आरोप लगाया।
प्रश्न 2: इस घटना पर सरकार और विपक्ष की क्या प्रतिक्रिया रही?
भाजपा ने इस घटना को संवैधानिक मूल्यों पर हमला बताया, जबकि विपक्ष ने इसे लोकतंत्र की मर्यादा के खिलाफ कहा।