Cloud Seeding Delhi | क्या यह प्रदूषण नियंत्रण का स्थायी समाधान है? | द मॉर्निंग स्टार

नई दिल्ली, द मॉर्निंग स्टार। राजधानी दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण से निपटने के लिए हाल ही में Cloud Seeding Delhi तकनीक का प्रयोग किया गया। यह तकनीक कृत्रिम वर्षा के माध्यम से प्रदूषक तत्वों को वायुमंडल से नीचे गिराने का काम करती है। लेकिन विशेषज्ञों के बीच इसके परिणाम और खर्च को लेकर गहरी बहस जारी है।

आईआईटी कानपुर के वैज्ञानिकों ने बताया कि Cloud Seeding प्रयोग में 300 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में करीब 60 लाख रुपये का खर्च आया। यह प्रक्रिया महंगी होने के साथ-साथ अस्थायी भी है। विशेषज्ञों का मानना है कि बारिश के कुछ दिनों बाद प्रदूषण का स्तर फिर से बढ़ सकता है।

द मॉर्निंग स्टार के अनुसार, प्रदूषण नियंत्रण के लिए सरकार को जमीनी उपायों पर ध्यान देना चाहिए — जैसे कि वाहन उत्सर्जन पर नियंत्रण, हरियाली बढ़ाना और औद्योगिक धुएं पर सख्त निगरानी। Cloud Seeding केवल तात्कालिक राहत का माध्यम है, स्थायी समाधान नहीं।


FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल):

1. Cloud Seeding Delhi क्या है?
यह एक प्रक्रिया है जिसमें बादलों में रासायनिक पदार्थ डालकर कृत्रिम वर्षा कराई जाती है ताकि वायु प्रदूषण कम हो सके।

2. क्या Cloud Seeding Delhi से प्रदूषण खत्म हो जाएगा?
नहीं, यह केवल कुछ समय के लिए राहत देता है। प्रदूषण दोबारा बढ़ सकता है।

3. क्या Cloud Seeding Delhi महंगी तकनीक है?
हाँ, एक बार के परीक्षण में लगभग 60 लाख रुपये तक खर्च होता है।

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