अमेरिका-चीन रणनीति | रेयर अर्थ से टिकटॉक तक छिड़ी नई वैश्विक जंग — द मॉर्निंग स्टार

अमेरिका और चीन के बीच चल रही अमेरिका-चीन रणनीति अब नए मोड़ पर पहुंच गई है। चार साल बाद ट्रंप और शी जिनपिंग की हुई मुलाकात में दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। इनमें रेयर अर्थ, फेंटेनाइल, रूस-यूक्रेन युद्ध और टिकटॉक जैसे विषय प्रमुख रहे।

विशेषज्ञों के अनुसार यह बैठक दोनों देशों की दिशा तय करेगी। चीन का रेयर अर्थ मेटल्स पर नियंत्रण अमेरिका के लिए चिंता का विषय है। रक्षा और तकनीक में जरूरी इन धातुओं की आपूर्ति घटने से अमेरिका की इंडस्ट्री पर असर पड़ सकता है। इसी बीच, ट्रंप प्रशासन ने चीनी सामानों पर 100% टैक्स लगाने की चेतावनी दी थी, जिससे व्यापारिक तनाव बढ़ गया।

फेंटेनाइल को लेकर भी विवाद जारी है। अमेरिका का दावा है कि चीन इस घातक ड्रग की सप्लाई रोकने में नाकाम रहा है, जबकि बीजिंग इसे गलत ठहराता है। दोनों देशों के बीच सोयाबीन और अन्य कृषि उत्पादों पर शुल्क लगाने से आर्थिक असर भी देखा गया है।

अब नजरें तकनीकी क्षेत्र पर हैं, जहां टिकटॉक का भविष्य अधर में है। अमेरिका चाहता है कि इसके चीनी स्वामित्व को खत्म कर इसे अमेरिकी निवेशकों के हाथों में सौंपा जाए। यह कदम साइबर सुरक्षा और डेटा नियंत्रण को लेकर अमेरिका-चीन रणनीति की नई दिशा दिखाता है।

FAQ ❓

Q1. अमेरिका-चीन रणनीति में रेयर अर्थ क्यों महत्वपूर्ण है?
रेयर अर्थ धातुएं रक्षा और तकनीक उद्योग की रीढ़ हैं, जिनका अधिकांश उत्पादन चीन करता है।

Q2. टिकटॉक को लेकर विवाद क्यों है?
अमेरिका को आशंका है कि टिकटॉक से उपयोगकर्ता डेटा चीन पहुंच सकता है, इसलिए स्वामित्व बदलने की मांग की जा रही है।

Q3. क्या इस मुलाकात से तनाव कम होगा?
संभव है कि कुछ व्यापारिक राहत मिले, लेकिन अमेरिका-चीन रणनीति में प्रतिस्पर्धा लंबे समय तक जारी रहेगी।

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