डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डा हिंद महासागर में स्थित दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक ठिकानों में गिना जाता है। यह द्वीप Diego Garcia चागोस द्वीपसमूह का हिस्सा है और दशकों से अमेरिका व ब्रिटेन की संयुक्त सैन्य गतिविधियों का केंद्र रहा है। डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डा एशिया, अफ्रीका और मध्य पूर्व के बीच स्थित होने के कारण वैश्विक सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है। यहां से लंबी दूरी के बमवर्षक विमान, नौसैनिक मिशन और निगरानी अभियानों को अंजाम दिया जाता है। इसी वजह से यह अड्डा अमेरिका की इंडो-पैसिफिक रणनीति का मजबूत आधार है।
हाल के वर्षों में जब चागोस द्वीपसमूह को लेकर ब्रिटेन और मॉरीशस के बीच समझौता हुआ, तब भी Diego Garcia सैन्य अड्डा चर्चा में रहा। ब्रिटेन ने स्पष्ट किया कि इस समझौते से सैन्य अड्डे की स्थिति पर कोई असर नहीं पड़ेगा। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डा समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी अभियानों और वैश्विक स्थिरता बनाए रखने में अहम भूमिका निभाता रहेगा। Sunil Sharma | The Morning Star के अनुसार, यह अड्डा आने वाले समय में भी अंतरराष्ट्रीय राजनीति का प्रमुख केंद्र बना रहेगा।
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
प्रश्न 1: डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डा कहां स्थित है?
उत्तर: यह हिंद महासागर में चागोस द्वीपसमूह पर स्थित है।
प्रश्न 2: डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डा क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: इसकी भौगोलिक स्थिति इसे वैश्विक सैन्य और रणनीतिक अभियानों के लिए बेहद अहम बनाती है।
प्रश्न 3: क्या चागोस समझौते से इस अड्डे पर असर पड़ेगा?
उत्तर: नहीं, ब्रिटेन और अमेरिका दोनों ने कहा है कि अड्डा पहले की तरह सक्रिय रहेगा।

