Vikrant Massey struggle story
Vikrant Massey के संघर्ष के दिनों की कहानी

पार्ले-जी से पहचान तक | Vikrant Massey की संघर्ष भरी सफलता की कहानी

बॉलीवुड अभिनेता Vikrant Massey आज अपनी दमदार और सच्ची अदाकारी के लिए जाने जाते हैं। लेकिन यह मुकाम उन्हें आसानी से नहीं मिला। The Morning Star | Sunil Sharma के लिए प्रस्तुत यह लेख Vikrant Massey Struggle Story को सामने लाता है, जो युवाओं के लिए प्रेरणा है।

विक्रांत मैसी ने मात्र 16 साल की उम्र में काम करना शुरू कर दिया था। घर की आर्थिक स्थिति कमजोर थी। पढ़ाई और रोजमर्रा के खर्च के लिए उन्हें कई नौकरियां एक साथ करनी पड़ीं। वे मुंबई में बरिस्ता के रूप में काम करते थे और साथ ही डांस ग्रुप में असिस्टेंट इंस्ट्रक्टर भी रहे।

संघर्ष के उन दिनों में वे रोजाना 16 घंटे तक काम करते थे। चार लोकल ट्रेन बदलकर शहर में सफर करना उनकी दिनचर्या थी। कई बार हालात ऐसे रहे कि उन्हें सिर्फ पार्ले-जी बिस्कुट और पानी पर दिन गुजारना पड़ा। Vikrant Massey Struggle Story इसी सच्चाई को दिखाती है।

टेलीविजन में शुरुआती असफलताओं के बावजूद विक्रांत ने हार नहीं मानी। बालिका वधू और कुबूल है जैसे शोज़ से उन्हें पहचान मिली। इसके बाद फिल्मों में कदम रखा और 12वीं फेल जैसी फिल्म ने उनके करियर को नई ऊंचाई दी।

आज विक्रांत मैसी की कहानी यह साबित करती है कि मेहनत और धैर्य से हालात बदले जा सकते हैं।

FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1. Vikrant Massey ने संघर्ष के दिनों में क्या काम किया?
उन्होंने बरिस्ता और डांस इंस्ट्रक्टर के रूप में काम किया।

Q2. Vikrant Massey को असली पहचान कब मिली?
टीवी शो बालिका वधू और फिल्म 12वीं फेल से।

Q3. क्या Vikrant Massey Struggle Story प्रेरणादायक है?
हां, यह युवाओं के लिए कड़ी मेहनत की मिसाल है।

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