डिजिटल डेस्क | The Morning Star | Sunil Sharma
अमेरिकी न्याय विभाग ने यौन अपराधी Jeffrey Epstein से जुड़े जांच रिकॉर्ड का बड़ा हिस्सा सार्वजनिक कर दिया है। इस ऐतिहासिक कदम के तहत 30 लाख से अधिक पन्नों के दस्तावेज, करीब 2000 वीडियो और लाखों तस्वीरें आम जनता के लिए जारी की गई हैं। इस पूरी कार्रवाई को एप्सटीन फाइल्स सार्वजनिक अभियान के रूप में देखा जा रहा है, जिसका मकसद सरकार की भूमिका और जानकारी को पारदर्शी बनाना है। यह खुलासा एप्सटीन फाइल्स ट्रांसपेरेंसी एक्ट के तहत हुआ है, जिसे लंबे सार्वजनिक और राजनीतिक दबाव के बाद लागू किया गया। अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, कुल 52 लाख पन्नों की समीक्षा अभी जारी है। सैकड़ों वकील इस प्रक्रिया में लगे हैं, ताकि पीड़ितों की पहचान सुरक्षित रहे और किसी चल रही जांच को नुकसान न पहुंचे।
इन फाइलों में 1990 के दशक के फ्लाइट लॉग भी शामिल हैं, जिनमें Donald Trump और Bill Clinton जैसे नाम दर्ज हैं। हालांकि, दोनों पर किसी भी तरह के गलत काम का आरोप नहीं है। फिर भी, एप्सटीन फाइल्स सार्वजनिक होने के बाद अमेरिका में राजनीतिक और सामाजिक बहस तेज हो गई है। गौरतलब है कि 2019 में एप्सटीन की जेल में मौत हो गई थी, जिसे आत्महत्या बताया गया। वहीं, उसकी सहयोगी Ghislaine Maxwell को 2021 में यौन तस्करी के मामले में दोषी ठहराते हुए 20 साल की सजा सुनाई गई।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
प्रश्न 1: एप्सटीन फाइल्स सार्वजनिक क्यों की गईं?
उत्तर: सरकार की पारदर्शिता सुनिश्चित करने और जांच से जुड़े तथ्यों को सामने लाने के लिए।
प्रश्न 2: क्या इन फाइलों में बड़े नेताओं पर आरोप हैं?
उत्तर: नहीं, कुछ नाम जरूर हैं लेकिन किसी पर औपचारिक आरोप नहीं लगाए गए हैं।
प्रश्न 3: क्या सभी दस्तावेज सार्वजनिक हो चुके हैं?
उत्तर: नहीं, अभी 52 लाख पन्नों की समीक्षा प्रक्रिया जारी है।

