US टैरिफ कटौती से AYUSH उद्योग को राहत
भारत और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते के बाद US टैरिफ कटौती से AYUSH उद्योग को राहत मिलने की उम्मीद तेज हो गई है। इस फैसले से आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध और हर्बल न्यूट्रास्यूटिकल सेक्टर से जुड़े निर्यातकों को सीधा फायदा होगा। लंबे समय से अमेरिकी बाजार में ऊंचे टैरिफ के कारण भारतीय कंपनियां दबाव में थीं।
अब अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया है। पहले यह दर करीब 50 प्रतिशत तक पहुंच चुकी थी। इससे भारतीय AYUSH कंपनियों के लिए अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धा करना आसान होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे निर्यात लागत घटेगी और ऑर्डर बढ़ेंगे।
AYUSH उद्योग पहले ही सीमित मार्जिन पर काम करता है। FDA जैसे कड़े मानकों के कारण उत्पादन लागत अधिक रहती है। ऐसे में US टैरिफ कटौती से AYUSH उद्योग को राहत मिलना स्वाभाविक है। इससे न केवल बड़े निर्यातक, बल्कि छोटे और मध्यम स्तर के उद्यम भी लाभ में रहेंगे।
आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका भारत का सबसे बड़ा AYUSH निर्यात बाजार है। अश्वगंधा, हल्दी, नीम और त्रिफला जैसे उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। टैरिफ में कटौती से इन उत्पादों की कीमतें संतुलित होंगी और भारतीय ब्रांड्स की साख मजबूत होगी।
यह बदलाव रोजगार, निवेश और हर्बल खेती को भी बढ़ावा दे सकता है। उद्योग से जुड़े जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में भारत वैश्विक पारंपरिक चिकित्सा बाजार में और मजबूत स्थिति बना सकता है।
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. US टैरिफ कटौती का AYUSH उद्योग पर क्या असर पड़ेगा?
इससे निर्यात लागत घटेगी और अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धा आसान होगी।
Q2. किन AYUSH उत्पादों को सबसे ज्यादा फायदा होगा?
अश्वगंधा, हल्दी, नीम, त्रिफला और हर्बल सप्लीमेंट्स को।
Q3. क्या इससे छोटे निर्यातकों को भी लाभ मिलेगा?
हां |
