India-US अंतरिम व्यापार समझौता पर चार बड़े सवाल
भारत और अमेरिका के बीच हुआ India-US अंतरिम व्यापार समझौता लगातार चर्चा में है। सरकार इसे आर्थिक प्रगति का अवसर बता रही है। हालांकि, विपक्ष और विशेषज्ञ कई सवाल उठा रहे हैं। इसी वजह से यह समझौता राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है।
क्या India-US अंतरिम व्यापार समझौता असंतुलित है?
सबसे पहले सवाल सौदे के संतुलन पर है। इस समझौते में भारत ने अमेरिकी औद्योगिक और कुछ कृषि उत्पादों पर टैरिफ घटाने की बात कही है। दूसरी ओर, अमेरिका केवल सीमित भारतीय निर्यात पर शुल्क कम करेगा। इसलिए कई विशेषज्ञ इसे भारत के लिए नुकसानदेह मान रहे हैं।
वहीं, सरकार का कहना है कि कम टैरिफ से निर्यात बढ़ेगा। इसके अलावा, श्रम-प्रधान उद्योगों को भी फायदा मिलेगा।
रूसी तेल पर स्थिति क्यों साफ नहीं है?
दूसरा बड़ा सवाल रूसी तेल खरीद को लेकर है। अमेरिकी बयान और आधिकारिक दस्तावेज़ों में अंतर दिखाई देता है। इसी बीच, भारत सरकार ने साफ किया है कि तेल खरीद कंपनियों का व्यावसायिक फैसला है।
हालांकि, किसी लिखित प्रतिबद्धता की गैरमौजूदगी ने भ्रम बढ़ा दिया है। इसलिए विपक्ष संसद में जवाब मांग रहा है।
किसानों को लेकर चिंता क्यों बढ़ी?
तीसरा मुद्दा किसानों से जुड़ा है। किसान संगठनों को डर है कि अमेरिकी कृषि आयात से घरेलू कीमतें गिरेंगी। खासतौर पर सोयाबीन और मक्का को लेकर चिंता जताई जा रही है।
दूसरी ओर, सरकार कहती है कि डेयरी और जीएम उत्पाद शामिल नहीं हैं। इसके बावजूद, किसान संगठनों का भरोसा अभी नहीं बन पाया है।
500 अरब डॉलर का लक्ष्य कितना व्यावहारिक है?
चौथा सवाल आयात लक्ष्य पर है। विशेषज्ञ मानते हैं कि 500 अरब डॉलर का आंकड़ा बहुत बड़ा है। इसके लिए आयात में तेज वृद्धि करनी होगी।
वहीं, सरकार का तर्क अलग है। उसका कहना है कि विमान, ऊर्जा और तकनीक की बढ़ती मांग इसे संभव बनाएगी। इसलिए लक्ष्य को व्यवहारिक बताया जा रहा है।
कुल मिलाकर, India-US अंतरिम व्यापार समझौता भारत-अमेरिका संबंधों में नया मोड़ ला सकता है। लेकिन, इसके प्रभाव को लेकर सतर्क रहना जरूरी है।
Sunil Sharma | The Morning Star
FAQs
प्रश्न 1: India-US अंतरिम व्यापार समझौता क्या है?
यह भारत और अमेरिका के बीच अस्थायी व्यापार ढांचा है, जिसमें टैरिफ और आयात को लेकर सहमति बनी है।
प्रश्न 2: क्या इससे भारतीय किसानों को नुकसान होगा?
किसान संगठनों को आशंका है। हालांकि, सरकार सुरक्षा उपायों की बात कर रही है।
प्रश्न 3: क्या भारत रूसी तेल खरीदना बंद करेगा?
फिलहाल इस पर कोई आधिकारिक लिखित घोषणा नहीं हुई है।
