राघव चड्ढा की मांग | महंगाई आधारित वेतन वृद्धि पर जोर
राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के सांसद Raghav Chadha ने बजट 2026-27 पर चर्चा के दौरान महंगाई आधारित वेतन वृद्धि की मांग को प्रमुखता से उठाया।
उन्होंने कहा कि देश में महंगाई लगातार बढ़ रही है, लेकिन निजी क्षेत्र और गिग वर्कर्स की आय उसी अनुपात में नहीं बढ़ती।
राघव चड्ढा ने तर्क दिया कि सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ता और वेतन आयोग का लाभ मिलता है, जबकि कॉरपोरेट और फैक्ट्री कर्मचारियों के लिए ऐसा कोई कानूनी प्रावधान नहीं है।
इसी वजह से उन्होंने एक वैधानिक फार्मूले की मांग की, जिससे हर साल वेतन अपने आप महंगाई दर के अनुसार समायोजित हो सके।
उनके अनुसार, महंगाई आधारित वेतन वृद्धि की मांग केवल कर्मचारियों के हित में नहीं है, बल्कि इससे घरेलू खपत बढ़ेगी और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि स्थिर आय के बिना मध्यम वर्ग की क्रय शक्ति कमजोर होती जा रही है।
इस मुद्दे पर विशेषज्ञों का मानना है कि अगर निजी क्षेत्र में भी महंगाई से जुड़ी वेतन नीति लागू होती है, तो श्रमिकों की आर्थिक सुरक्षा बेहतर होगी।
यही कारण है कि यह मांग अब राष्ट्रीय बहस का हिस्सा बन रही है।
— Jai Sharma | The Morning Star
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
प्रश्न 1: महंगाई आधारित वेतन वृद्धि क्या है?
उत्तर: यह ऐसी प्रणाली है, जिसमें वेतन हर साल महंगाई दर के अनुसार स्वतः बढ़ता है।
प्रश्न 2: राघव चड्ढा ने यह मांग क्यों उठाई?
उत्तर: क्योंकि निजी क्षेत्र और गिग वर्कर्स को महंगाई से बचाने का कोई कानूनी प्रावधान नहीं है।
प्रश्न 3: इससे आम लोगों को क्या फायदा होगा?
9उत्तर: इससे वास्तविक आय सुरक्षित रहेगी और जीवन यापन आसान होगा।
