कंकण सूर्य ग्रहण 17 फरवरी | अंटार्कटिका में दिखेगा ‘रिंग ऑफ फायर’ का अद्भुत नज़ारा
17 फरवरी को आसमान में एक दुर्लभ खगोलीय घटना दिखाई देगी। कंकण सूर्य ग्रहण 17 फरवरी के दिन चंद्रमा सूर्य के सामने से गुजरेगा, लेकिन उसे पूरी तरह ढक नहीं पाएगा। इस कारण सूर्य के चारों ओर एक चमकदार रिंग दिखाई देगी, जिसे ‘रिंग ऑफ फायर’ कहा जाता है।
खगोलीय आंकड़ों के अनुसार, यह ग्रहण मुख्य रूप से अंटार्कटिका के एक सीमित हिस्से में दिखाई देगा। अधिकतम अवस्था करीब 2 मिनट 20 सेकंड तक रह सकती है। अन्य क्षेत्रों जैसे दक्षिणी अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका में आंशिक ग्रहण नजर आएगा।
कंकण सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को नंगी आंखों से देखना खतरनाक हो सकता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि केवल प्रमाणित सोलर फिल्टर वाले चश्मे का उपयोग करें। साधारण धूप के चश्मे पर्याप्त सुरक्षा नहीं देते।
खगोल वैज्ञानिकों के अनुसार, कंकण सूर्य ग्रहण 17 फरवरी पृथ्वी और चंद्रमा की दूरी के कारण बनता है। जब चंद्रमा थोड़ा दूर होता है, तो वह सूर्य को पूरी तरह ढक नहीं पाता। यही कारण है कि सूर्य का बाहरी घेरा चमकता हुआ नजर आता है।
FAQ
प्रश्न 1: कंकण सूर्य ग्रहण 17 फरवरी कहां दिखाई देगा?
मुख्य रूप से अंटार्कटिका में, जबकि कुछ स्थानों पर आंशिक ग्रहण दिखेगा।
प्रश्न 2: क्या भारत में यह ग्रहण दिखेगा?
नहीं, भारत में यह दृश्य दिखाई नहीं देगा।
प्रश्न 3: इसे सुरक्षित कैसे देखें?
केवल प्रमाणित सोलर फिल्टर वाले ग्रहण चश्मे का उपयोग करें।

