फुलेरा दूज 2026 | अबूझ साया में विवाह का महाशुभ अवसर
फाल्गुन मास की शुक्ल पक्ष द्वितीया को आने वाली फुलेरा दूज 2026 सनातन परंपरा में विशेष महत्व रखती है। इस तिथि को “अबूझ साया” कहा जाता है। इसका अर्थ है ऐसा शुभ दिन, जब विवाह जैसे मांगलिक कार्य बिना अलग से मुहूर्त निकाले भी संपन्न किए जा सकते हैं। उत्तर भारत में इस दिन बड़ी संख्या में शादियां तय होती हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार फुलेरा दूज 2026 पर देवताओं की विशेष कृपा रहती है। ज्योतिषीय दृष्टि से ग्रह-नक्षत्र संतुलित माने जाते हैं। इसलिए इस दिन विवाह करना दांपत्य जीवन के लिए शुभ माना जाता है। कई परिवार लंबी प्रतीक्षा के बाद इसी तिथि को चुनते हैं।
ब्रज क्षेत्र में इस दिन का महत्व और बढ़ जाता है। वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में फूलों की भव्य सजावट होती है। मान्यता है कि राधा और कृष्ण इस दिन पुष्प होली का आनंद लेते हैं। इसी कारण कई श्रद्धालु इस दिन विवाह को दिव्य आशीर्वाद से जोड़ते हैं।
FAQ
प्रश्न: फुलेरा दूज 2026 को अबूझ साया क्यों कहते हैं?
क्योंकि इस दिन बिना विशेष मुहूर्त देखे विवाह किए जा सकते हैं।
प्रश्न: क्या इस दिन सामूहिक विवाह होते हैं?
हाँ, कई स्थानों पर सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किए जाते हैं।

