रोप गिलहरी मंकीपॉक्स वायरस | अफ्रीकी जंगल में पहली जंगली स्पिलओवर की पुष्टि

Jai Sharma | The Morning Star

अफ्रीका के Taï National Park में हुए नए शोध ने रोप गिलहरी मंकीपॉक्स वायरस को लेकर बड़ा खुलासा किया है। वैज्ञानिकों के अनुसार, एक फायर-फुटेड रोप गिलहरी, यानी Funisciurus pyrropus से वायरस सूटी मैंगबे बंदरों में फैला। यह प्रजाति Cercocebus atys कहलाती है।

2023 में बंदरों के एक समूह में त्वचा पर घाव जैसे लक्षण दिखे। लगभग एक-तिहाई बंदर संक्रमित हुए और चार शिशुओं की मौत हो गई। जांच में पाया गया कि संक्रमण की शुरुआत तब हुई जब एक बंदर ने रोप गिलहरी का शिकार किया। आनुवंशिक परीक्षण में गिलहरी और बंदरों में मिला वायरस काफी समान पाया गया।

यह अध्ययन जर्नल Nature में प्रकाशित हुआ। शोधकर्ताओं का मानना है कि रोप गिलहरी मंकीपॉक्स वायरस जंगली वातावरण में प्रजातियों के बीच कूद सकता है। इससे यह संकेत मिलता है कि कुछ कृंतक इस वायरस के स्थायी वाहक हो सकते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि लोग जंगल क्षेत्रों में जंगली जानवरों के संपर्क में आते हैं, तो उन्हें सावधानी बरतनी चाहिए। हाथ धोना और सुरक्षा उपकरण पहनना संक्रमण से बचाव में मदद कर सकता है।

FAQ

1. रोप गिलहरी मंकीपॉक्स वायरस क्या है?
यह वह स्थिति है जब रोप गिलहरी में मौजूद मंकीपॉक्स वायरस अन्य जानवरों में फैलता है।

2. क्या यह इंसानों में भी फैल सकता है?
हाँ, मंकीपॉक्स वायरस जानवरों से इंसानों में फैलने की क्षमता रखता है।

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