नए ठोस कचरा नियम 2026 | भारत में कचरा प्रबंधन को लेकर बड़ा बदलाव
भारत में बढ़ते कचरे की समस्या को देखते हुए केंद्र सरकार ने नए ठोस कचरा नियम 2026 लागू किए हैं। पर्यावरण मंत्रालय द्वारा जारी ये नियम पुराने 2016 के नियमों की जगह लेंगे और कचरे के बेहतर प्रबंधन पर जोर देंगे। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य है कचरे का सही तरीके से अलगाव, रीसाइक्लिंग और लैंडफिल पर निर्भरता को कम करना।
नए ठोस कचरा नियम 2026 के तहत अब कचरे को चार श्रेणियों में अलग करना अनिवार्य होगा—सूखा कचरा, गीला कचरा, सैनिटरी कचरा और विशेष देखभाल वाला कचरा। पहले केवल तीन श्रेणियों में अलगाव होता था। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव कचरे के वैज्ञानिक निपटान में मदद करेगा।
इन नियमों में बड़े पैमाने पर कचरा पैदा करने वाले संस्थानों के लिए नई जिम्मेदारी भी तय की गई है। जो संस्थान रोजाना 100 किलो से अधिक कचरा पैदा करते हैं, उन्हें अपने गीले कचरे का निपटान खुद करना होगा या अधिकृत केंद्रों पर भेजना होगा।
हालांकि विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि भारत में कचरा प्रबंधन की सबसे बड़ी चुनौती नियमों का सही क्रियान्वयन है। जब तक घरों में कचरा अलग नहीं किया जाएगा और नगर निकाय इसे सही तरीके से संभाल नहीं पाएंगे, तब तक समस्या पूरी तरह हल नहीं होगी।
Sunil Sharma | The Morning Star
FAQ
1. नए ठोस कचरा नियम 2026 क्या हैं?
यह भारत सरकार द्वारा जारी नए नियम हैं जो कचरे के अलगाव, प्रोसेसिंग और निपटान को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए बनाए गए हैं।
2. कचरे को कितने भागों में अलग करना होगा?
अब कचरे को चार भागों में अलग करना होगा—सूखा, गीला, सैनिटरी और विशेष कचरा।
3. Bulk Waste Generator किसे कहा जाता है?
जो संस्थान रोजाना 100 किलो से अधिक कचरा पैदा करते हैं या बड़े क्षेत्र में काम करते हैं, उन्हें Bulk Waste Generator माना जाता है।

