सोनम वांगचुक से NSA हटाया | सुप्रीम कोर्ट सुनवाई से पहले केंद्र सरकार का बड़ा कदम
लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और इंजीनियर सोनम वांगचुक से NSA हटाया जाने का फैसला केंद्र सरकार ने किया है। गृह मंत्रालय के अनुसार यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू होगा। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई से ठीक पहले आया है, इसलिए इसे काफी अहम माना जा रहा है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक सोनम वांगचुक पिछले करीब 170 दिनों से जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद थे। उन्हें सितंबर 2025 में राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम यानी NSA के तहत हिरासत में लिया गया था। उस समय लद्दाख में चल रहे आंदोलन और विरोध प्रदर्शनों के कारण हालात तनावपूर्ण हो गए थे।
सरकार का कहना है कि सोनम वांगचुक से NSA हटाया जाना लद्दाख में संवाद और शांति का माहौल बनाने की दिशा में उठाया गया कदम है। पिछले कुछ महीनों में छात्रों, व्यापारियों और पर्यटन से जुड़े लोगों पर आंदोलन का असर पड़ा था। इसलिए केंद्र सरकार ने बातचीत की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।
सोनम वांगचुक लंबे समय से लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं। वे शिक्षा सुधार और पर्यावरण संरक्षण के लिए भी जाने जाते हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सुप्रीम कोर्ट में 17 मार्च को सुनवाई होनी है। अदालत में उन वीडियो और फोटो को भी देखा जाएगा जिनके आधार पर उन पर NSA लगाया गया था।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
1. सोनम वांगचुक से NSA क्यों हटाया गया?
सरकार के अनुसार यह फैसला लद्दाख में शांति और संवाद का माहौल बनाने के लिए लिया गया है।
2. सोनम वांगचुक को कब गिरफ्तार किया गया था?
उन्हें 26 सितंबर 2025 को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया था।
3. सोनम वांगचुक किस आंदोलन से जुड़े हैं?
वे लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और स्थानीय अधिकारों की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे।
4. NSA कानून क्या है?
राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत सरकार किसी व्यक्ति को देश की सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था के खतरे के आधार पर हिरासत में रख सकती है।

