पेट्रोल पंप विवाद में फंसे रेंजर | सेंचुरी रिपोर्ट पलटने पर SDM का नोटिस
गांव चकनवाला मुस्तकम में पेट्रोल पंप विवाद ने प्रशासनिक हलचल बढ़ा दी है। यह मामला तब सामने आया जब कुछ लोगों ने कृषि भूमि की श्रेणी बदलकर पेट्रोल पंप लगाने के लिए एसडीएम न्यायालय में आवेदन किया। इस प्रक्रिया में वन विभाग से रिपोर्ट मांगी गई थी।शुरुआत में वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि संबंधित भूमि सेंचुरी क्षेत्र में नहीं आती। इसी आधार पर न्यायालय ने कार्रवाई करते हुए भूमि परिवर्तन की अनुमति दे दी।
लेकिन बाद में उसी मामले में रिपोर्ट बदल दी गई। नई रिपोर्ट में भूमि को सेंचुरी क्षेत्र में बताया गया, जिससे पेट्रोल पंप विवाद और गहरा गया।इस विरोधाभासी रिपोर्ट पर एसडीएम शैलेश कुमार दुबे ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने रेंजर से स्पष्टीकरण मांगा और नोटिस जारी किया। प्रशासन का कहना है कि इस तरह की भ्रामक जानकारी न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करती है।इसी बीच गंगा खादर क्षेत्र में अवैध कब्जों का मामला भी सामने आया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि किसी भी सरकारी भूमि पर कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जल्द ही मौके पर जांच और पैमाइश कर कार्रवाई की जाएगी।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. पेट्रोल पंप विवाद क्या है?
यह मामला कृषि भूमि की श्रेणी बदलने और सेंचुरी क्षेत्र को लेकर विवाद से जुड़ा है।
Q2. रेंजर को नोटिस क्यों मिला?
रेंजर ने पहले और बाद में अलग-अलग रिपोर्ट दी, जिससे भ्रम पैदा हुआ।
Q3. क्या जांच होगी?
हाँ, एसडीएम खुद मौके पर जाकर जांच करेंगे।

