श्रीलंका का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर बना चीन | भारत को मामूली अंतर से पछाड़ा
श्रीलंका का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर: चीन ने बदली तस्वीर
श्रीलंका में व्यापारिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। 2025 में चीन ने भारत को पीछे छोड़ते हुए श्रीलंका का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर बन गया है। केंद्रीय बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, चीन के साथ कुल व्यापार लगभग 5.5 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जबकि भारत के साथ यह 5.4 बिलियन डॉलर रहा। इस बदलाव की सबसे बड़ी वजह आयात प्रतिबंधों में ढील मानी जा रही है।
जैसे ही श्रीलंका ने वाहन आयात पर राहत दी, चीन से आने वाले इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों की मांग तेजी से बढ़ी। इससे चीन को सीधा फायदा मिला और वह श्रीलंका का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर बन गया। हालांकि, 2022-23 में स्थिति अलग थी। उस समय भारत से ईंधन और दवाओं जैसी जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति जारी रही, जिससे भारत शीर्ष पर बना रहा। लेकिन अब बाजार की मांग बदल चुकी है और उपभोक्ता वस्तुओं में चीन की पकड़ मजबूत दिख रही है।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. श्रीलंका का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर कौन है?
2025 के अनुसार, चीन श्रीलंका का सबसे बड़ा ट्रेड पार्टनर बन गया है।
Q2. भारत पीछे क्यों रह गया?
वाहनों के आयात में बढ़ोतरी और चीन से सस्ते विकल्प मिलने के कारण भारत पीछे रह गया।
Q3. व्यापार घाटा किसके साथ ज्यादा है?
श्रीलंका का सबसे बड़ा व्यापार घाटा चीन के साथ दर्ज किया गया है।

