यूपी-हरियाणा सीमा विवाद खत्म करने की तैयारी | बाउंड्री पिलर से सुलझेगा 52 साल पुराना मामला
52 साल से चला आ रहा यूपी-हरियाणा सीमा विवाद अब खत्म होने की दिशा में बढ़ रहा है। सरकार ने सीमा को स्पष्ट करने के लिए बाउंड्री पिलर लगाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। लोक निर्माण विभाग ने इस काम के लिए टेंडर जारी कर दिया है और जल्द ही वर्क ऑर्डर भी जारी होगा। इस पूरे कार्य की निगरानी Survey of India के अधिकारी करेंगे। उनके सर्वे के आधार पर यमुना खादर क्षेत्र में पिलर लगाए जाएंगे। पहले हरियाणा की ओर से पिलर लगाए जा चुके थे,
लेकिन उत्तर प्रदेश में बजट की कमी के कारण काम रुका हुआ था। अब सरकार ने 11.14 करोड़ रुपये का बजट मंजूर कर दिया है। इससे बागपत के 27 गांव और सोनीपत-पानीपत के 22 गांवों में फैली जमीन का विवाद सुलझने की उम्मीद है। यह विवाद करीब 4,500 हेक्टेयर जमीन पर फैला हुआ है। लंबे समय से इस यूपी-हरियाणा सीमा विवाद के कारण किसानों के बीच तनाव बना रहता था। कई बार झड़पें भी हुईं। अब पिलर लगने से जमीन की सीमा स्पष्ट होगी और भविष्य में विवाद की संभावना कम हो जाएगी।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. यूपी-हरियाणा सीमा विवाद कब से चल रहा है?
यह विवाद करीब 52 साल से चल रहा है।
Q2. इस विवाद को खत्म करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं?
सरकार ने सीमा पर बाउंड्री पिलर लगाने का निर्णय लिया है।
Q3. पिलर लगाने का काम कौन करेगा?
यह काम ठेकेदार द्वारा किया जाएगा और निगरानी Survey of India करेगा।
Q4. इस विवाद में कितनी जमीन शामिल है?
करीब 4,500 हेक्टेयर जमीन इस विवाद में शामिल है।

