DUSIB घोटाला | फर्जी कर्मचारियों के जरिए बढ़ाए गए बिल, CBI ने दर्ज किया केस

दिल्ली में सामने आए DUSIB घोटाला मामले ने सरकारी आश्रय प्रबंधन व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। Central Bureau of Investigation ने दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड यानी Delhi Urban Shelter Improvement Board से जुड़े कथित फर्जी बिलिंग मामले में केस दर्ज किया है। जांच एजेंसी के अनुसार, रात के आश्रयों का संचालन करने वाली एक एजेंसी ने रिकॉर्ड में फर्जी कर्मचारियों को दिखाकर सरकार से अधिक भुगतान लिया। सीबीआई की एफआईआर में सोफिया एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष सुहेल खान समेत अन्य लोगों के नाम शामिल हैं।

आरोप है कि कई ऐसे लोगों को कर्मचारियों के रूप में दिखाया गया जो वास्तव में कहीं और काम कर रहे थे या दूसरे व्यवसाय चला रहे थे। इसके बावजूद उनके नाम पर वेतन बिल तैयार किए गए। करीब एक साल चली जांच में बैंक खातों और दस्तावेजों की जांच की गई। इसके बाद एजेंसी ने DUSIB घोटाला मामले में कार्रवाई शुरू की। जांच एजेंसियों का मानना है कि इससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा। इस मामले के बाद रात के आश्रयों की निगरानी और टेंडर प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे हैं। आने वाले दिनों में कई और खुलासे हो सकते हैं।

FAQ

DUSIB क्या है?

DUSIB दिल्ली में बेघर लोगों के लिए आश्रय गृह संचालित करने वाली सरकारी संस्था है।

DUSIB घोटाला में क्या आरोप हैं?

फर्जी कर्मचारियों के नाम पर बिल बढ़ाकर सरकारी धन लेने का आरोप है।

इस मामले की जांच कौन कर रहा है?

इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है।

Prem Chand | The Morning Star

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