ताइवान-चीन विवाद पर बढ़ा तनाव | राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने दिया बड़ा बयान
ताइवान चीन तनाव एक बार फिर वैश्विक राजनीति का बड़ा मुद्दा बन गया है। ताइवान के राष्ट्रपति Lai Ching-te ने साफ कहा है कि ताइवान बीजिंग के अधीन नहीं है और केवल ताइवानी जनता ही अपने भविष्य का फैसला करेगी। उनका यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और चीनी राष्ट्रपति Xi Jinping की बीजिंग बैठक के बाद आया है। राष्ट्रपति लाई ने अमेरिका से हथियार खरीदने का समर्थन करते हुए कहा कि इससे क्षेत्रीय शांति मजबूत होती है।
उन्होंने कहा कि ताइवान चीन तनाव को रोकने के लिए सुरक्षा सहयोग जरूरी है। दूसरी ओर चीन लगातार ताइवान को अपना हिस्सा बताता रहा है और उसने बल प्रयोग की चेतावनी भी दी है। ताइवान ने यह भी आरोप लगाया कि चीन के दबाव के कारण उसे लगातार 10वीं बार विश्व स्वास्थ्य सभा से बाहर रखा गया। इससे दोनों देशों के बीच कूटनीतिक विवाद और गहरा हो गया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले समय में ताइवान चीन तनाव का असर एशिया की राजनीति और वैश्विक व्यापार पर पड़ सकता है।
FAQ
सवाल: ताइवान चीन तनाव क्यों बढ़ रहा है?
जवाब: चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है, जबकि ताइवान खुद को स्वतंत्र लोकतांत्रिक देश बताता है।
सवाल: अमेरिका ताइवान का समर्थन क्यों करता है?
जवाब: अमेरिका इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में संतुलन बनाए रखने के लिए ताइवान को सुरक्षा सहायता देता है।
सवाल: राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने क्या कहा?
जवाब: उन्होंने कहा कि ताइवान बीजिंग के अधीन नहीं है और जनता ही भविष्य तय करेगी।

