दुबई में भारतीय कारोबार ने बनाया नया रिकॉर्ड | 84 हजार से ज्यादा कंपनियां सक्रि
दुबई में भारतीय कारोबार लगातार नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहा है। हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2026 तक दुबई में सक्रिय भारतीय कंपनियों की संख्या 84,088 पहुंच गई है। यही वजह है कि भारत अब दुबई का सबसे बड़ा विदेशी व्यापारिक समुदाय बन चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि दुबई की स्थिर अर्थव्यवस्था, आसान व्यापारिक नियम और मजबूत लॉजिस्टिक्स सिस्टम भारतीय कारोबारियों को आकर्षित कर रहे हैं। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के बीच भारतीय कंपनियां ऐसे बाजारों की तलाश कर रही हैं जहां दीर्घकालिक सुरक्षा और व्यापार विस्तार की संभावनाएं मौजूद हों।
दुबई इसी वजह से सबसे भरोसेमंद विकल्प बनकर उभरा है।दुबई चैंबर्स के अधिकारियों का कहना है कि भारतीय निवेशकों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। वहीं ज्वेलरी, टेक्नोलॉजी, रिटेल और लॉजिस्टिक्स सेक्टर की भारतीय कंपनियां तेजी से अपना विस्तार कर रही हैं। व्यापार विशेषज्ञों के अनुसार, दुबई की फ्री जोन नीति, टैक्स लाभ और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर भारतीय उद्यमियों को बड़ा फायदा दे रहे हैं। इसके अलावा दुबई-भारत व्यापारिक संबंध भी पहले से ज्यादा मजबूत हुए हैं।
FAQ
Q1. दुबई में भारतीय कारोबार क्यों बढ़ रहा है?
दुबई की स्थिर नीतियां, आसान निवेश प्रक्रिया और वैश्विक कनेक्टिविटी इसकी बड़ी वजह हैं।
Q2. दुबई में सबसे ज्यादा कौन से भारतीय सेक्टर सक्रिय हैं?
ज्वेलरी, टेक्नोलॉजी, रिटेल, लॉजिस्टिक्स और ट्रेडिंग सेक्टर सबसे ज्यादा सक्रिय हैं।

