भारत में क्रिटिकल मिनरल्स सेक्टर तेजी से विस्तार कर रहा है। इसी बीच उद्योगपति Anil Agarwal की कंपनी Runaya Metsource ने बड़ा फैसला लिया है। कंपनी अब राजस्थान में अपने क्रिटिकल मेटल्स उत्पादन को बढ़ाने जा रही है। इस विस्तार के तहत कोबाल्ट, कॉपर और कैडमियम जैसे महत्वपूर्ण धातुओं की उत्पादन क्षमता में इजाफा होगा। कंपनी का कहना है कि यह कदम भारत के EV, Renewable Energy और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर को मजबूत करेगा। वर्तमान में देश इन धातुओं के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है। ऐसे में घरेलू स्तर पर क्रिटिकल मेटल्स उत्पादन बढ़ाना रणनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है।
Runaya आधुनिक तकनीकों के जरिए औद्योगिक अवशेषों से उपयोगी धातुओं की रिकवरी कर रही है। कंपनी सॉल्वेंट एक्सट्रैक्शन जैसी उन्नत प्रक्रियाओं का उपयोग कर रही है। इससे पर्यावरण पर कम असर पड़ता है और संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल संभव हो पाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक आने वाले वर्षों में EV बैटरी और डेटा सेंटर सेक्टर में कोबाल्ट और कॉपर की मांग तेजी से बढ़ सकती है। ऐसे में Runaya का यह विस्तार भारत के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
FAQ
Q1. Runaya किस सेक्टर में काम करती है?
Runaya धातु रिकवरी और वैल्यू-एडेड मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में काम करती है।
Q2. क्रिटिकल मेटल्स उत्पादन क्यों जरूरी है?
यह EV, बैटरी, पावर ग्रिड और Renewable Energy सेक्टर के लिए जरूरी है।
Q3. इस परियोजना से किस राज्य को फायदा होगा?
राजस्थान में रोजगार और औद्योगिक विकास को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।

