अमेरिका में बदले ग्रीन कार्ड नियम, H-1B और F-1 वीजा धारकों की बढ़ी चिंता
अमेरिका में स्थायी रूप से बसने का सपना देखने वाले लाखों प्रवासियों के लिए नए ग्रीन कार्ड नियम बड़ी चुनौती बन सकते हैं। अमेरिकी एजेंसी U.S. Citizenship and Immigration Services ने हाल ही में नई पॉलिसी जारी की है, जिसके तहत अब अमेरिका के भीतर रहकर ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने वालों पर सख्त निगरानी रखी जाएगी। नए ग्रीन कार्ड नियम के अनुसार, छात्र वीजा, टूरिस्ट वीजा और अस्थायी वर्क वीजा पर अमेरिका पहुंचे लोगों को यह साबित करना होगा कि उन्होंने अपने वीजा की सभी शर्तों का पालन किया है। USCIS अब ऐसे मामलों में “Adjustment of Status” को सामान्य प्रक्रिया नहीं मान रहा।
इस नीति का सबसे ज्यादा असर F-1 OPT, STEM OPT, H-1B और B-1/B-2 वीजा धारकों पर पड़ सकता है। अधिकारियों को आवेदक के टैक्स रिकॉर्ड, पारिवारिक जुड़ाव, नैतिक चरित्र और पुराने इमिग्रेशन रिकॉर्ड की गहराई से जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अब ग्रीन कार्ड नियम के तहत हर आवेदन के लिए मजबूत दस्तावेज और कानूनी तैयारी जरूरी होगी। ऐसे में अमेरिका में नौकरी या पढ़ाई कर रहे लोगों को पहले से इमिग्रेशन वकील की सलाह लेने की जरूरत पड़ेगी।
FAQ
सवाल: नए ग्रीन कार्ड नियम से सबसे ज्यादा असर किस पर पड़ेगा?
F-1 OPT, H-1B और टूरिस्ट वीजा धारकों पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है।
सवाल: क्या अमेरिका में रहकर ग्रीन कार्ड आवेदन बंद हो गया है?
नहीं, लेकिन अब प्रक्रिया पहले से ज्यादा सख्त हो गई है।
सवाल: USCIS किन चीजों की जांच करेगा?
वीजा इतिहास, टैक्स रिकॉर्ड, नैतिक चरित्र और इमिग्रेशन नियमों के पालन की जांच होगी।

