आबादी के हिसाब से मिलेगा यूपी निकाय विकास फंड | DPR में फोटो होगी जरूरी
उत्तर प्रदेश सरकार अब शहरों के विकास कार्यों के लिए नई व्यवस्था लागू करने जा रही है। नई नीति के तहत नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों को मिलने वाला यूपी निकाय विकास फंड अब आबादी और जरूरत के आधार पर तय किया जाएगा। नगर विकास विभाग ने इस प्रस्ताव पर सहमति बना ली है और जल्द ही इसका आदेश जारी हो सकता है। नई व्यवस्था के अनुसार सड़क, नाली, पार्क और अन्य विकास कार्यों के प्रस्ताव भेजते समय संबंधित क्षेत्र की आबादी का पूरा विवरण देना होगा। साथ ही मौके की तस्वीरें भी डीपीआर यानी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट में लगाना अनिवार्य होगा। सरकार का मानना है कि इससे यह तय करना आसान होगा कि विकास कार्य का लाभ कितने लोगों तक पहुंचेगा।
सरकार अब विकास कार्यों की गहन जांच भी करेगी। यदि किसी क्षेत्र में पहली बार सड़क बनाई जा रही है, तो आसपास के मकानों और आबादी की तस्वीरें भी देनी होंगी। इससे फर्जी प्रस्तावों और बजट के गलत इस्तेमाल पर रोक लग सकेगी। उत्तर प्रदेश में स्मार्ट सिटी मिशन, अमृत योजना और स्वच्छ भारत मिशन जैसी कई योजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसके बावजूद कई शहरों में सुविधाओं की कमी की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में नई व्यवस्था को पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
FAQ
सवाल: यूपी निकाय विकास फंड क्या है?
जवाब: यह नगर निकायों को विकास कार्यों के लिए दिया जाने वाला सरकारी बजट है।
सवाल: डीपीआर में फोटो क्यों जरूरी की गई?
जवाब: ताकि विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति और जरूरत की सही जानकारी मिल सके।
सवाल: नई व्यवस्था से क्या फायदा होगा?
जवाब: इससे जरूरत वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता मिलेगी और बजट का सही उपयोग हो सकेगा।

