बंगाल में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठ पर बड़ा एक्शन, सीमा से लौटने लगे लोग
पश्चिम बंगाल में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठ को लेकर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। राज्य सरकार की नई “डिटेक्ट-डिलीट-डिपोर्ट” नीति के बाद सीमा इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। उत्तर 24 परगना, मालदा और मुर्शिदाबाद जैसे जिलों में पुलिस और बीएसएफ लगातार निगरानी कर रही है। हाल के दिनों में कई बांग्लादेशी नागरिकों ने खुद ही वापस लौटने का फैसला लिया है। सीमा पर लंबी कतारें देखी गईं। बीएसएफ अधिकारियों ने दस्तावेजों की जांच के बाद लोगों को हिरासत में लिया और आगे की प्रक्रिया शुरू की। प्रशासन का कहना है कि अवैध बांग्लादेशी घुसपैठ रोकना राज्य की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बिना वैध दस्तावेज रह रहे लोगों की पहचान की जाए। उन्होंने कहा कि कानून के तहत कार्रवाई होगी और सीमा सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सरकार ने मालदा और मुर्शिदाबाद में होल्डिंग सेंटर भी शुरू किए हैं। यहां संदिग्ध लोगों की पहचान और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि अवैध बांग्लादेशी घुसपैठ के मामलों में अब तेज कार्रवाई होगी। राजनीतिक स्तर पर भी यह मुद्दा चर्चा में है। कुछ दल इसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ रहे हैं, जबकि विपक्ष सरकार पर सवाल उठा रहा है। हालांकि प्रशासन का दावा है कि सभी कदम कानूनी प्रक्रिया के तहत उठाए जा रहे हैं।
Sunil Sharma | The Morning Star
FAQ
सवाल: अवैध बांग्लादेशी घुसपैठ पर कार्रवाई क्यों हो रही है?
राज्य सरकार सीमा सुरक्षा मजबूत करने और बिना दस्तावेज रह रहे लोगों की पहचान के लिए अभियान चला रही है।
सवाल: किन इलाकों में जांच बढ़ी है?
उत्तर 24 परगना, मालदा और मुर्शिदाबाद में सबसे ज्यादा निगरानी की जा रही है।
सवाल: होल्डिंग सेंटर का क्या काम है?
इन केंद्रों में संदिग्ध लोगों की पहचान और दस्तावेजों की जांच की जाती है।
