यूरोप से भारत तक रिकॉर्ड तोड़ हीटवेव, बढ़ा स्वास्थ्य संकट
यूरोप और भारत इस समय रिकॉर्ड तोड़ हीटवेव की चपेट में हैं। मई महीने में ही कई देशों में तापमान ने पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि यह स्थिति जलवायु परिवर्तन का बड़ा संकेत है। ब्रिटेन में लंदन का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। मौसम विभाग ने इसे असामान्य गर्मी बताया है। फ्रांस और स्पेन में भी हालात गंभीर बने हुए हैं। फ्रांस में हीटवेव से दो लोगों की मौत की खबर सामने आई है। वहीं स्पेन के कई इलाकों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।
जर्मनी में भी इस साल पहली बार तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया। विशेषज्ञों के अनुसार यूरोप में इतनी जल्दी पड़ रही गर्मी चिंता का विषय है। भारत में भी रिकॉर्ड तोड़ हीटवेव का असर साफ दिखाई दे रहा है। दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान और मध्य भारत के कई हिस्सों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है। बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचना चाहिए। पर्याप्त पानी पीना और शरीर को ठंडा रखना बेहद जरूरी है।
FAQ
सवाल: रिकॉर्ड तोड़ हीटवेव का मुख्य कारण क्या है?
जवाब: वैज्ञानिकों के अनुसार जलवायु परिवर्तन और बढ़ता ग्लोबल वार्मिंग इसका मुख्य कारण है।
सवाल: भारत के कौन से राज्य सबसे ज्यादा प्रभावित हैं?
जवाब: दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश और बिहार सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में शामिल हैं।
सवाल: हीटवेव से बचाव कैसे करें?
जवाब: ज्यादा पानी पिएं, धूप में कम निकलें और हल्के सूती कपड़े पहनें।
