सिक्किम मठ अग्निकांड ने पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया है। उत्तर सिक्किम के लाचेन स्थित ऐतिहासिक थंगू सेरतोक गुम्पा में 5 जून की रात भीषण आग लग गई, जिससे यह धार्मिक स्थल पूरी तरह नष्ट हो गया। वर्ष 1965 में स्थापित यह मठ स्थानीय लोगों की आस्था और सांस्कृतिक पहचान का प्रमुख केंद्र माना जाता था। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग लगने की वजह इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट हो सकती है। आग इतनी तेजी से फैली कि मठ के भीतर मौजूद प्राचीन धार्मिक ग्रंथ, दुर्लभ मूर्तियां और कई महत्वपूर्ण धार्मिक अवशेष जलकर राख हो गए। स्थानीय लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन दुर्गम क्षेत्र होने के कारण बचाव कार्य प्रभावित हुआ।
राहत की बात यह है कि इस हादसे में किसी के घायल होने या जान गंवाने की सूचना नहीं मिली है। हालांकि, दो नजदीकी मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। स्थानीय समुदाय ने इस घटना को अपनी सांस्कृतिक विरासत की बड़ी क्षति बताया है। सिक्किम मठ अग्निकांड ने एक बार फिर ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पुराने धार्मिक परिसरों में आधुनिक अग्नि सुरक्षा प्रणाली और नियमित विद्युत जांच बेहद जरूरी है।
FAQ
प्रश्न 1: सिक्किम मठ अग्निकांड कब हुआ था?
उत्तर: यह हादसा 5 जून की रात लगभग 11 बजे हुआ था।
प्रश्न 2: आग में कौन सा मठ नष्ट हुआ?
उत्तर: लाचेन स्थित ऐतिहासिक थंगू सेरतोक गुम्पा आग में पूरी तरह नष्ट हो गया।
प्रश्न 3: आग लगने का संभावित कारण क्या है?
उत्तर: शुरुआती रिपोर्टों में इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट को कारण बताया गया है।
प्रश्न 4: क्या इस घटना में कोई हताहत हुआ?
उत्तर: नहीं, किसी के घायल होने या मृत्यु की सूचना नहीं है।
