Name change of Jalalabad :- उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की कैबिनेट बैठक में सोमवार को कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लग सकती है। इनमें शाहजहांपुर जिले के जलालाबाद का नाम बदलकर ‘परशुरामपुरी’ करने का प्रस्ताव और उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 को मंजूरी दिए जाने की संभावना सबसे अधिक चर्चा में है। यह बैठक प्रदेश के विकास, निवेश और प्रशासनिक सुधारों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, जलालाबाद का नाम बदलकर परशुरामपुरी करने का प्रस्ताव लंबे समय से विचाराधीन है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों की ओर से इस संबंध में मांग उठाई जाती रही है। यदि कैबिनेट इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो आगे की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इससे पहले भी उत्तर प्रदेश सरकार कई शहरों और कस्बों के नाम बदलने के प्रस्तावों को मंजूरी दे चुकी है।
बैठक में उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 पर भी फैसला लिया जा सकता है। नई नीति का उद्देश्य राज्य में नवाचार, उद्यमिता और तकनीक आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना है। प्रस्तावित नीति के तहत युवाओं, महिला उद्यमियों, स्टार्टअप संस्थापकों और उभरती कंपनियों को वित्तीय सहायता, तकनीकी सहयोग, मेंटरशिप और निवेश के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की योजना है। सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख स्टार्टअप हब के रूप में विकसित करना है।
नई स्टार्टअप नीति में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर, हेल्थ-टेक, एग्री-टेक और डीप-टेक जैसे क्षेत्रों को विशेष प्रोत्साहन दिए जाने की संभावना है। इसके अलावा प्रदेश के पूर्वांचल और बुंदेलखंड जैसे क्षेत्रों में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया जा सकता है।
राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से यह कैबिनेट बैठक काफी अहम मानी जा रही है। बैठक में अन्य विभागों से जुड़े कई विकास परियोजनाओं और जनहित के प्रस्तावों पर भी चर्चा होने की संभावना है।
अब सभी की नजर कैबिनेट बैठक के फैसलों पर टिकी है। यदि दोनों प्रमुख प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है, तो इससे प्रदेश की पहचान, निवेश माहौल और रोजगार सृजन की दिशा में सरकार के प्रयासों को नई गति मिलने की उम्मीद है।