Semiconductor :- भारत का सेमीकंडक्टर क्षेत्र आने वाले वर्षों में दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते उद्योगों में शामिल हो सकता है। उद्योग से जुड़े अनुमानों के अनुसार, भारत का सेमीकंडक्टर उपभोग (Semiconductor Consumption) बाजार वर्ष 2026 में लगभग 54 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2035 तक 350 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार, इलेक्ट्रिक वाहनों (EV), 5G, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), डेटा सेंटर और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण में तेजी से बढ़ते निवेश के कारण भारत में सेमीकंडक्टर की मांग लगातार बढ़ रही है।
भारत सरकार भी सेमीकंडक्टर निर्माण को बढ़ावा देने के लिए कई प्रोत्साहन योजनाएं चला रही है। देश में चिप निर्माण (Chip Manufacturing), डिजाइन, पैकेजिंग और परीक्षण (ATMP) से जुड़े बड़े निवेश आकर्षित किए जा रहे हैं, जिससे भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
विश्लेषकों का कहना है कि यदि अनुमान के अनुरूप यह वृद्धि होती है, तो भारत दुनिया के सबसे बड़े सेमीकंडक्टर बाजारों में शामिल हो जाएगा। इससे लाखों रोजगार के अवसर पैदा होंगे और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र को भी नई गति मिलेगी।
सेमीकंडक्टर उद्योग को भविष्य की तकनीकी अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। ऐसे में भारत की बढ़ती मांग और सरकारी नीतियां आने वाले दशक में देश को वैश्विक तकनीकी केंद्र के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।