डोनाल्ड ट्रंप की वापसी से पाकिस्तान में बढ़ी चिंता, चुनाव के बीच पाकिस्तानी क्यों घबराए
अमेरिका में 2024 के चुनाव का माहौल गरम हो गया है, और डोनाल्ड ट्रंप की चुनावी दौड़ में वापसी से पाकिस्तान में घबराहट की लहर दौड़ पड़ी है। पाकिस्तानियों को इस बात का डर सता रहा है कि अगर ट्रंप फिर से राष्ट्रपति बनते हैं, तो इससे पाक-अमेरिकी रिश्तों पर गहरा असर पड़ सकता है।
ट्रंप और पाकिस्तान: पुराने रिश्ते का तनाव
जब डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति थे (2016-2020), तब पाकिस्तान और अमेरिका के बीच रिश्ते काफी तनावपूर्ण थे। ट्रंप ने खुले तौर पर पाकिस्तान पर आतंकवादियों को समर्थन देने का आरोप लगाया था और कई बार उन्होंने पाकिस्तान को दी जाने वाली सहायता में कटौती कर दी थी। उनके प्रशासन का रुख कड़ा था, और उन्होंने पाकिस्तान पर आतंकवादी संगठनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का दबाव बनाया था।
ट्रंप के पिछले कार्यकाल में अमेरिका का झुकाव भारत की तरफ ज्यादा दिखाई दिया, और यही कारण है कि पाकिस्तान को डर है कि अगर ट्रंप फिर से सत्ता में आए, तो इससे अमेरिका और भारत के संबंध और मजबूत हो सकते हैं।
अफगानिस्तान मुद्दा और पाकिस्तान का डर
अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी के बाद पाकिस्तान ने अमेरिका के साथ संबंध सुधारने का प्रयास किया, लेकिन ट्रंप के रुख में किसी तरह की नरमी के आसार नहीं दिखे। पाकिस्तान को यह भी चिंता है कि ट्रंप के आने से अफगानिस्तान में स्थिरता प्रभावित हो सकती है, जिससे पाकिस्तान पर सुरक्षा और शरणार्थी संकट का बोझ बढ़ सकता है।
ट्रंप की सख्त नीतियाँ और आर्थिक सहायता पर असर
ट्रंप की नीतियों का सीधा असर पाकिस्तान को मिलने वाली आर्थिक सहायता पर पड़ सकता है। अगर ट्रंप सत्ता में लौटते हैं, तो उनके पहले की तरह ही पाकिस्तान के लिए सहायता राशि पर कटौती हो सकती है। पाकिस्तान पहले से ही आर्थिक संकट का सामना कर रहा है, और इस स्थिति में अमेरिकी सहायता में कमी उसके लिए और समस्याएं खड़ी कर सकती है।
पाकिस्तान के लिए क्या हैं विकल्प?
पाकिस्तान के लिए स्थिति चुनौतीपूर्ण है। उसे यह समझना होगा कि अगर ट्रंप सत्ता में लौटते हैं, तो उसे अपनी विदेश नीति को नई दिशा देनी पड़ सकती है। पाकिस्तान को अपने कूटनीतिक संबंध मजबूत करने के लिए चीन और रूस जैसे देशों की ओर रुख करना पड़ सकता है, जो अमेरिका की तुलना में पाकिस्तान के साथ अधिक लचीले हैं।
डोनाल्ड ट्रंप की संभावित वापसी से पाकिस्तान में चिंता बढ़ना स्वाभाविक है। अमेरिकी चुनाव के नतीजे पाकिस्तान के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इससे न केवल पाक-अमेरिका रिश्तों पर असर पड़ेगा बल्कि पाकिस्तान के भविष्य की दिशा भी तय हो सकती है।
