राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर केंद्र और तमिलनाडु में मतभेद, शिक्षा मंत्री ने दी सफाई

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को लेकर तमिलनाडु सरकार और केंद्र के बीच मतभेद जारी हैं। तमिलनाडु सरकार ने केंद्र पर हिंदी थोपने और राज्य के लिए पर्याप्त धन आवंटित न करने का आरोप लगाया है।

इस पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति किसी पर कोई भाषा नहीं थोप रही है, बल्कि इसका उद्देश्य छात्रों को बहुभाषी शिक्षा और समान अवसर प्रदान करना है

तमिलनाडु का आरोप: हिंदी थोपने की कोशिश

तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राज्य में हिंदी को थोपने की कोशिश कर रही है
उनका कहना था कि केंद्रीय बजट में तमिलनाडु को अनदेखा किया गया और राज्य के लिए कोई धन आवंटित नहीं किया गया
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को स्वीकार नहीं करेगा

शिक्षा मंत्री का जवाब: मातृभाषा को बढ़ावा दे रही है NEP

📌 शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने तमिल भाषा को भारत की सबसे पुरानी भाषाओं में से एक बताते हुए कहा कि NEP बहुभाषी शिक्षा को बढ़ावा देती है।
उन्होंने कहा कि मातृभाषा में पढ़ाई से छात्रों को बेहतर शिक्षा मिलेगी और प्रतिस्पर्धा के लिए समान मंच मिलेगा।
NEP किसी भी भाषा को अनिवार्य नहीं बनाती, बल्कि यह छात्रों को अपनी पसंद की भाषा में पढ़ाई करने का अवसर देती है।

उन्होंने यह भी कहा:
“तमिल हमारी सभ्यता की सबसे पुरानी भाषाओं में से एक है। यदि तमिलनाडु में छात्र बहुभाषी शिक्षा अपनाते हैं, तो इसमें कुछ भी गलत नहीं है।”

काशी तमिल संगमम: केंद्र की नई पहल

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने ‘काशी तमिल संगमम’ का आयोजन किया
वाराणसी और तमिलनाडु के ऐतिहासिक संबंधों को मजबूत करने के लिए यह तीसरा आयोजन है
इस कार्यक्रम के तहत छात्र और शिक्षक महाकुंभ में अमृत स्नान और अयोध्या में राम मंदिर दर्शन कर चुके हैं।

आईआईटी मद्रास ने 15 से 24 फरवरी तक काशी तमिल संगमम की तैयारी की।
वाराणसी में इसका आयोजन बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) द्वारा किया गया।

तमिलनाडु और वाराणसी का ऐतिहासिक संबंध

प्राचीन काल से वाराणसी और तमिलनाडु के बीच अटूट सांस्कृतिक और शैक्षिक संबंध रहे हैं
वाराणसी में तमिल संस्कृति, साहित्य और भाषा के अध्ययन के लिए विशेष कार्यक्रम होते रहे हैं
काशी तमिल संगमम जैसे आयोजन ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के विजन को साकार करने में मदद कर सकते हैं

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