भारत में स्वच्छ खेल इकोसिस्टम निर्माण पर जोर, डॉ. मयूमी यामामोटो ने साझा जिम्मेदारी की वकालत की

भारत में स्वच्छ खेल इकोसिस्टम के निर्माण पर हुआ जोर, साझा जिम्मेदारी की आवश्यकता बताई गई

"नई दिल्ली में आयोजित एक राष्ट्रीय सम्मेलन में खेल जगत की शीर्ष हस्तियों और विशेषज्ञों ने भारत में स्वच्छ खेल इकोसिस्टम को सशक्त करने की दिशा में सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।
यह सम्मेलन राष्ट्रीय डोपिंग निरोधक एजेंसी (नाडा) इंडिया द्वारा आयोजित किया गया और इसका मुख्य विषय था: "एक साथ मिलकर स्वच्छ खेल इकोसिस्टम का निर्माण"।
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डॉ. मयूमी यामामोटो की उपस्थिति और विचार

इस कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित रहीं विश्व डोपिंग निरोधक एजेंसी (वाडा) की एशिया/ओशिनिया क्षेत्र की निदेशक डॉ. मयूमी याया यामामोटो ने “प्ले ट्रू वीक 2025” के तहत आयोजित इस पहल की सराहना की।

उन्होंने कहा,
“स्वच्छ खेल का निर्माण केवल संस्थानों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एथलीटों, कोच, मेडिकल स्टाफ, और हर हितधारक की साझा जिम्मेदारी है। एकता ही इस लक्ष्य को संभव बना सकती है।”


‘It Starts With Me’ अभियान की महत्ता

डॉ. मयूमी ने WADA के वैश्विक अभियान ‘It Starts With Me’ को दोहराया और कहा कि हर व्यक्ति की भूमिका इस सिस्टम को मजबूत बनाने में अहम है। इस अभियान का उद्देश्य व्यक्तिगत जिम्मेदारी के भाव को बढ़ावा देना है।


सम्मेलन के मुख्य विषय

1. एंटी-डोपिंग नीति पर पैनल चर्चा

सम्मेलन में भारत की वर्तमान एंटी-डोपिंग नीति पर विस्तार से चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने इस प्रणाली की कमियों और संभावनाओं को उजागर करते हुए सुझाव दिए कि कैसे इसे और पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सकता है।

2. शिक्षा और परीक्षण की भूमिका

एक सत्र खेल शिक्षा और डोपिंग परीक्षण को समर्पित था, जिसमें यह बताया गया कि एथलीटों को नियमों और नीतियों की जानकारी देना उतना ही ज़रूरी है जितना कि उन्हें प्रशिक्षित करना।

3. चिकित्सीय उपयोग छूट (TUE) पर चर्चा

Therapeutic Use Exemption (TUE) एक जटिल लेकिन आवश्यक प्रक्रिया है। इसमें पैनल ने स्पष्ट किया कि खिलाड़ियों को किन शर्तों में दवा उपयोग की अनुमति दी जा सकती है और इसके लिए सही प्रक्रिया क्या होनी चाहिए।


भारत की ओलंपिक महत्वाकांक्षा और निष्पक्ष खेल का महत्व

भारत सरकार की ओर से खेल विभाग की सचिव सुजाता चतुर्वेदी ने कहा कि
“भारत 2036 के ओलंपिक आयोजन के लिए तैयारी कर रहा है। ऐसे में एक निष्पक्ष और साफ-सुथरी खेल संस्कृति को अपनाना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।”

उन्होंने कहा कि देश की छवि और एथलीटों की सफलता दोनों इस बात पर निर्भर करती है कि हम कितनी मजबूती से डोपिंग रोधी तंत्र लागू करते हैं।


हितधारकों की सक्रिय भागीदारी

इस सम्मेलन में हिस्सा लिया:

  • राष्ट्रीय खेल महासंघों (NSFs)
  • खेल विश्वविद्यालयों और चिकित्सा संस्थानों के प्रतिनिधि
  • अंतरराष्ट्रीय संगठनों और नीति निर्माताओं
  • पूर्व ओलंपियन और प्रशिक्षक

इन सभी हितधारकों ने मिलकर स्वस्थ खेल पारिस्थितिकी तंत्र (Sports Ecosystem) को सशक्त बनाने के लिए व्यावहारिक सुझाव साझा किए।


सुझाव और रणनीतियां

  1. राष्ट्रीय स्तर पर एकीकृत डोपिंग जागरूकता अभियान
  2. हर राज्य में एंटी-डोपिंग एजुकेशन सेंटर की स्थापना
  3. युवा खिलाड़ियों के लिए ऑनलाइन मॉड्यूल
  4. कोच और मेडिकल स्टाफ को भी नियमित प्रशिक्षण देना
  5. TUE प्रक्रिया को डिजिटल और सरल बनाना
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