राजस्थान के माउंट आबू में अमित शाह ने लिया ब्रह्माकुमारीज़ सम्मेलन में भाग, आत्म-सशक्तिकरण पर दिया जोर

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पहुंचे माउंट आबू, आत्म-सशक्तिकरण सम्मेलन में हुए शामिल

"माउंट आबू (राजस्थान), अप्रैल 2025:
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज राजस्थान के प्रसिद्ध पर्वतीय स्थल माउंट आबू पहुंचे, जहाँ उन्होंने ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लिया।
यह सम्मेलन “सुरक्षा सेवा प्रभाग के आंतरिक जागृति से आत्म-सशक्तिकरण” विषय पर आधारित था और देशभर से आए सैकड़ों प्रतिनिधियों की उपस्थिति में आयोजित हुआ।"


आंतरिक चेतना और सुरक्षा सेवाओं का अनूठा समागम

सम्मेलन का उद्देश्य था—आंतरिक जागृति के माध्यम से सुरक्षा सेवाओं में संलग्न कर्मियों को मानसिक रूप से मजबूत और आत्मबल से युक्त बनाना। इस मंच पर अमित शाह ने कहा कि आत्म-सशक्तिकरण केवल व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र की स्थिरता और सुरक्षा के लिए भी आवश्यक है।


विशेष तैयारियों के बीच अमित शाह का स्वागत

ब्रह्माकुमारीज़ संस्थान की ओर से केंद्रीय मंत्री के स्वागत के लिए विशेष आध्यात्मिक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की गईं।
शांतिवन परिसर में आयोजित इस सम्मेलन को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने पुख्ता इंतजाम किए थे, जिससे कार्यक्रम में किसी प्रकार की बाधा न आए।


अमित शाह का उदयपुर आगमन और पारंपरिक स्वागत

इससे पहले, अमित शाह बुधवार देर रात उदयपुर पहुंचे, जहाँ डबोक एयरपोर्ट पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पारंपरिक मेवाड़ी पगड़ी पहनाकर और पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया।

इस अवसर पर कई गणमान्य अतिथि भी मौजूद रहे, जिनमें शामिल थे:


आत्म-सशक्तिकरण पर अमित शाह का विशेष संदेश

अपने संबोधन में गृह मंत्री ने कहा:
“सुरक्षा कर्मियों की मानसिक दृढ़ता और आत्मबल जितना मजबूत होगा, देश की आंतरिक सुरक्षा उतनी ही स्थिर होगी। हमें आध्यात्मिक जागृति और सेवा को एक साथ लेकर चलना होगा।”


सम्मेलन की मुख्य बातें

विषयविवरण
आयोजनब्रह्माकुमारीज़ संस्थान, शांतिवन परिसर, माउंट आबू
विषयआंतरिक जागृति से आत्म-सशक्तिकरण
मुख्य अतिथिकेंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
प्रमुख उद्देश्यसुरक्षा सेवाओं में कार्यरत व्यक्तियों के मानसिक और आत्मिक सशक्तिकरण को प्रोत्साहित करना
भागीदारीदेशभर से आए प्रतिनिधियों की सहभागिता

आध्यात्मिक और प्रशासनिक नेतृत्व का संगम

यह कार्यक्रम राज्य प्रशासन, धार्मिक संगठन और केंद्रीय नेतृत्व के बीच तालमेल का उदाहरण रहा। जहाँ एक ओर सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों की चर्चा हुई, वहीं दूसरी ओर आध्यात्मिक मूल्यों को जीवन में शामिल करने पर बल दिया गया।

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