भारतीय प्रतिनिधिमंडल की लाइबेरिया यात्रा: आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक एकता की दिशा में एक अहम कदम

"भारतीय सांसदों का प्रतिनिधिमंडल तीन दिवसीय दौरे पर लाइबेरिया पहुंचा शिवसेना सांसद श्रीकांत एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में एक सर्वदलीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में लाइबेरिया का सफल दौरा किया। यह तीन दिवसीय यात्रा 31 मई से 2 जून 2025 तक चली और इसका उद्देश्य भारत और लाइबेरिया के द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता को रेखांकित करना था। इस प्रतिनिधिमंडल में कई प्रमुख नेता शामिल थे—जिनमें सांसद बांसुरी स्वराज, अतुल गर्ग, मनन कुमार मिश्रा, सस्मित पात्रा, ई.टी. मोहम्मद बशीर, एस.एस. अहलूवालिया और पूर्व राजदूत सुजान चिनॉय शामिल हैं।"


उच्च स्तरीय बैठकों के माध्यम से कूटनीतिक संबंधों को मिली नई दिशा

भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने लाइबेरिया के राष्ट्रपति जोसेफ न्यमा बोकाई, प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष, सीनेट के प्रो-टेम्पोर और विदेश मंत्री के साथ गहन वार्ताएं कीं। इन बैठकों में मुख्य रूप से आतंकवाद से निपटने में वैश्विक सहयोग, लोकतंत्र को मजबूत करने और पारस्परिक सम्मान की बातों पर चर्चा हुई।

भारतीय प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति बोकाई को हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के संबंध में भारत के प्रति लाइबेरिया की संवेदना के लिए धन्यवाद दिया। लाइबेरिया के नेताओं ने भारत के आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन, विशेष रूप से “ऑपरेशन सिंदूर”, के प्रति समर्थन व्यक्त किया और आतंकवाद से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय एकता की आवश्यकता पर बल दिया।


संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सहयोग की दिशा में आगे बढ़ता भारत-लाइबेरिया सहयोग

भारत ने लाइबेरिया के 2026-27 के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के गैर-स्थायी सदस्य बनने के आगामी कार्यकाल का स्वागत किया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि इस मंच से लाइबेरिया की भूमिका आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी भूमिका निभा सकती है।

दूतावास के अनुसार, यह यात्रा भारत और लाइबेरिया के बीच स्थायी मित्रता और साझा मूल्यों की पुष्टि करती है। साथ ही, दोनों देशों के अडिग और मजबूत दृष्टिकोण को रेखांकित करती है जो एक सुरक्षित और आतंकवाद-मुक्त विश्व की परिकल्पना करता है।


डॉ. शिंदे बने लाइबेरिया की सीनेट को संबोधित करने वाले पहले भारतीय सांसद

इस यात्रा के दौरान एक ऐतिहासिक पल तब आया जब डॉ. श्रीकांत शिंदे लाइबेरिया की सीनेट को संबोधित करने वाले पहले भारतीय सांसद बने। अपने भाषण में उन्होंने सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत की स्पष्ट नीति का उल्लेख किया और वैश्विक स्तर पर आतंकवाद से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।


लोकतंत्र, शांति और आपसी सम्मान जैसे मूल्यों पर केंद्रित रही चर्चाएं

प्रतिनिधिमंडल ने लाइबेरिया के सांसदों, थिंक टैंकों और स्थानीय मीडिया से भी संवाद किया। इन मुलाकातों में लोकतांत्रिक शासन, आतंकवाद विरोधी नीतियां, शांति स्थापना और दोनों देशों के साझा मूल्यों पर चर्चा हुई।

भारत और लाइबेरिया दोनों ही देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि वैश्विक स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में कूटनीतिक सहयोग, रणनीतिक संवाद और संयुक्त कार्यवाही बेहद आवश्यक हैं।


आतंकवाद के विरुद्ध वैश्विक सहयोग में भारत की भूमिका

ऑपरेशन सिंदूर और भारत का रुख

भारत ने हमेशा आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। “ऑपरेशन सिंदूर” जैसे प्रयासों के माध्यम से भारत ने यह संदेश स्पष्ट कर दिया है कि वह किसी भी रूप में आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं करेगा।

सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत की वैश्विक मुहिम

लाइबेरिया यात्रा भी भारत की उस वैश्विक मुहिम का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को उजागर करना और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक समर्थन जुटाना है।


निष्कर्ष: आतंक-मुक्त दुनिया के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प

लाइबेरिया की यह यात्रा केवल एक राजनयिक पहल नहीं थी, बल्कि यह भारत और लाइबेरिया के बीच मित्रता को और मजबूत करने, आतंकवाद के खिलाफ साझा दृष्टिकोण प्रस्तुत करने और वैश्विक सुरक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने का प्रतीक थी।

"प्रतिनिधिमंडल की इस यात्रा का समापन इस प्रतिबद्धता के साथ हुआ कि दोनों देश मिलकर एक शांतिपूर्ण, सुरक्षित और आतंकवाद-मुक्त दुनिया के निर्माण की दिशा में कार्य करेंगे।"

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