भारत-अमेरिका रणनीतिक सहयोग में नई गति, शशि थरूर के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल की वाशिंगटन में अहम बैठकें

"वाशिंगटन डीसी – वरिष्ठ कांग्रेस सांसद डॉ. शशि थरूर के नेतृत्व में भारत का एक सर्वदलीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल इन दिनों अमेरिका के दौरे पर है। इस दौरे का प्रमुख उद्देश्य भारत-अमेरिका आतंकवाद विरोधी सहयोग को गहराई देना और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसी हालिया घटनाओं पर वैश्विक समर्थन हासिल करना है।"


पहलगाम हमला और ऑपरेशन सिंदूर: चर्चा के केंद्र में

प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिकी उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडौ से मुलाकात की, जिसमें 22 अप्रैल के पहलगाम आतंकी हमले और भारत द्वारा की गई सर्जिकल प्रतिक्रिया ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर खुलकर चर्चा हुई। वाशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास ने जानकारी दी कि यह बातचीत “खुली, स्पष्ट और रणनीतिक” थी।


अमेरिकी सीनेटर क्रिस वैन होलेन से महत्वपूर्ण वार्ता

प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिकी सीनेट की विदेश संबंध समिति के सदस्य सीनेटर क्रिस वैन होलेन से मुलाकात की। बैठक में भारतीय प्रतिनिधियों ने पहलगाम हमले की सीमा पार प्रकृति को उजागर करते हुए भारत की सख्त आतंकवाद विरोधी नीति की जानकारी दी।

सीनेटर होलेन ने भारत के आत्मरक्षा के अधिकार को पूर्ण अमेरिकी समर्थन देने की बात कही और कहा:

“भारत के लोगों ने आतंकवाद की पीड़ा को बहुत करीब से सहा है। अमेरिका इस लड़ाई में भारत के साथ खड़ा है।”


अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस से भी मुलाकात

गुरुवार को प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिका के उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस से मुलाकात की। बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा खतरे, आतंकवाद और हिंद-प्रशांत रणनीति पर गहन विचार-विमर्श हुआ। भारतीय दूतावास के अनुसार यह बैठक “भारत-अमेरिका सहयोग को सुदृढ़ करने की दिशा में निर्णायक रही।”


द्विपक्षीय स्वागत समारोह: जनसंपर्क और विश्वास निर्माण

प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिकी कांग्रेस सदस्यों, वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, थिंक टैंक विशेषज्ञों और मीडिया के साथ एक स्वागत समारोह में भी भाग लिया। यह कार्यक्रम अमेरिका में भारत के राजदूत द्वारा आयोजित किया गया था, जिसका उद्देश्य आपसी विश्वास को प्रगाढ़ बनाना और भारत-अमेरिका रिश्तों में स्थिरता लाना था।


रणनीतिक संदर्भ में महत्व

इस यात्रा को भारत की “प्रोएक्टिव कूटनीति” के रूप में देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य अमेरिका में द्विदलीय समर्थन को मजबूत करना है—चाहे वह रिपब्लिकन हो या डेमोक्रेट। इससे भारत को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अधिक समर्थन मिलेगा, विशेषकर सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे पर।


वैश्विक मंच पर भारत की निर्णायक उपस्थिति

भारत-अमेरिका के बीच इस तरह की चर्चाएं यह दर्शाती हैं कि भारत अब केवल एक क्षेत्रीय शक्ति नहीं, बल्कि वैश्विक सुरक्षा ढांचे में एक निर्णायक भागीदार है। शशि थरूर के नेतृत्व में यह प्रतिनिधिमंडल भारत की आवाज़ को वैश्विक मंच पर मजबूती से रखने में सफल रहा।

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