भारतीय मूल के डॉ. श्रीनिवास मुक्कमाला को मिला ऐतिहासिक सम्मान

"अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन (एएमए) के 178 वर्षों के इतिहास में पहली बार किसी भारतीय मूल के डॉक्टर को इस प्रतिष्ठित संगठन का नेतृत्व सौंपा गया है। डॉ. श्रीनिवास मुक्कमाला, जिन्हें लोग प्यार से डॉ. बॉबी मुक्कमाला के नाम से जानते हैं, को एएमए का 180वां अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह भारतीय-अमेरिकी समुदाय के लिए गर्व का विषय है।"


डॉ. श्रीनिवास मुक्कमाला एएमए अध्यक्ष पद पर कैसे पहुंचे?

डॉ. मुक्कमाला मिशिगन के फ्लिंट शहर में ENT स्पेशलिस्ट (ओटोलरींगोलॉजिस्ट) के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने अमेरिकी चिकित्सा सेवा में दशकों तक गरीब और पिछड़े तबके की निःशुल्क सेवा की है। उनका चयन एएमए के अध्यक्ष पद के लिए 10 जून 2025 को शिकागो में हयात रीजेंसी में एक विशेष समारोह में हुआ।


डॉ. मुक्कमाला की भावुक प्रतिक्रिया

उन्होंने अध्यक्ष पद संभालते हुए कहा:

"यह मेरे लिए एक अत्यंत भावुक क्षण है जिसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है। आज मैं यहां उन उत्कृष्ट डॉक्टरों की वजह से खड़ा हूं जिन्होंने मुझे नई ज़िंदगी दी।"


स्वास्थ्य संकट से उबरे और फिर बने नेता

नवंबर 2024 में, डॉ. मुक्कमाला के मस्तिष्क में 8 सेमी का टेम्पोरल लोब ट्यूमर पाया गया। सर्जरी के तीन हफ्ते बाद ट्यूमर का 90% हिस्सा हटा लिया गया। डॉक्टरों का कहना है कि वे 20 साल तक स्वस्थ जीवन जी सकते हैं। इस चुनौतीपूर्ण समय के दौरान, डॉ. मुक्कमाला का साहस और सकारात्मक दृष्टिकोण प्रेरणादायक रहा। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा:

"अमेरिकी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में कमियां हो सकती हैं, लेकिन यह अब भी सबसे उत्कृष्ट है। मैं इसका जीता-जागता उदाहरण हूं।"


परिवार और सामाजिक सेवा

  • उनकी पत्नी डॉ. नीता कुलकर्णी एक अनुभवी प्रसूति और स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं।
  • दोनों मिशिगन के फ्लिंट में रहते हैं और वर्षों से कम आय वाले परिवारों की मदद कर रहे हैं।
  • उन्होंने बताया कि फ्लिंट जैसे शहरों में स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच एक गंभीर चुनौती है, जहाँ मरीज विशेषज्ञ डॉक्टर से मिलने के लिए महीनों इंतज़ार करते हैं।

अमेरिका में भारतीय मूल के डॉक्टरों की बढ़ती भागीदारी

डॉ. मुक्कमाला की नियुक्ति इस बात का प्रमाण है कि भारतीय मूल के डॉक्टरों ने अमेरिकी चिकित्सा व्यवस्था में प्रभावशाली पहचान बनाई है। आज अमेरिका में हजारों भारतीय-अमेरिकी डॉक्टर न केवल मरीजों का इलाज कर रहे हैं बल्कि नीति निर्धारण, अनुसंधान और नेतृत्व के क्षेत्र में भी योगदान दे रहे हैं।


"डॉ. श्रीनिवास मुक्कमाला एएमए अध्यक्ष बनने वाले पहले भारतीय मूल के व्यक्ति हैं, जो न केवल अपनी चिकित्सा योग्यता के लिए बल्कि सामाजिक सेवाओं और नेतृत्व क्षमता के लिए भी जाने जाते हैं। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि साहस, सेवा और संघर्ष से कोई भी ऊँचाई हासिल की जा सकती है।"

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