फरार अपराधी रिश्तेदार उत्पीड़न पर हाई कोर्ट सख्त | पुलिस को दी चेतावनी

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने हाल ही में एक अहम टिप्पणी करते हुए कहा है कि फरार अपराधी रिश्तेदार उत्पीड़न पूरी तरह असंवैधानिक है। कोर्ट ने साफ किया कि किसी आरोपी को पकड़ने के लिए उसके निर्दोष रिश्तेदारों को परेशान करना कानून के खिलाफ है।कोर्ट के अनुसार, पुलिस द्वारा परिवार के सदस्यों को बार-बार थाने बुलाना या मानसिक दबाव बनाना पुराने अंग्रेजी दौर की कार्यशैली है।

आज के लोकतांत्रिक भारत में ऐसी प्रक्रिया स्वीकार नहीं की जा सकती।यह मामला कानपुर नगर के एक रिटायर्ड कैप्टन से जुड़ा है। उनके बेटे को हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था और वह फरार है। आरोप है कि पुलिस ने उसकी तलाश में बुजुर्ग माता-पिता को बार-बार परेशान किया।कोर्ट ने कहा कि फरार अपराधी रिश्तेदार उत्पीड़न न केवल गलत है, बल्कि यह पुलिस की कमजोरी भी दर्शाता है। आज जब तकनीकी संसाधन उपलब्ध हैं, तब भी ऐसे पुराने तरीकों का इस्तेमाल उचित नहीं है।

FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)

Q1. फरार अपराधी रिश्तेदार उत्पीड़न क्या है?

जब पुलिस किसी आरोपी को पकड़ने के लिए उसके निर्दोष परिवार को परेशान करती है, उसे यही कहा जाता है।

Q2. क्या यह कानूनी है?

नहीं, हाई कोर्ट के अनुसार यह पूरी तरह असंवैधानिक है।

Q3. पुलिस ऐसा क्यों करती है?

अक्सर दबाव बनाने के लिए, लेकिन यह तरीका कानून के खिलाफ है।

Prem Chand | The Morning Star

Please Read and Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Verified by MonsterInsights