आचे प्रांत में शरिया कानून के तहत एक बार फिर सख्त सजा का मामला सामने आया है। इंडोनेशिया के इस प्रांत में बिना शादी शारीरिक संबंध बनाने और शराब पीने के आरोप में एक प्रेमी जोड़े को सार्वजनिक रूप से 140-140 कोड़े मारे गए। यह घटना आचे में शरिया कानून लागू होने के बाद बीते 25 वर्षों की सबसे कठोर सजाओं में गिनी जा रही है।
स्थानीय शरिया पुलिस के अनुसार, दोनों पर बिना शादी यौन संबंध बनाने के लिए 100-100 कोड़े और शराब सेवन के लिए 40-40 कोड़े लगाए गए। सजा सार्वजनिक स्थल पर दी गई, जहां बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। सजा के दौरान महिला दर्द से बेहोश भी हो गई, हालांकि मौके पर मेडिकल टीम तैनात थी।
इंडोनेशिया में केवल ही ऐसा प्रांत है, जहां शरिया कानून पूरी तरह लागू है। वर्ष 2001 में विशेष स्वायत्तता मिलने के बाद यहां इस्लामी कानूनों को अपनाया गया। इन कानूनों के तहत अविवाहित संबंध, शराब सेवन और अन्य सामाजिक आचरण को अपराध माना जाता है।
इस घटना ने एक बार फिर मानवाधिकारों को लेकर बहस छेड़ दी है। अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने शरिया कानून की सख्ती पर सवाल उठाए हैं। वहीं, स्थानीय प्रशासन का कहना है कि ये नियम समाज में अनुशासन बनाए रखने के लिए जरूरी हैं।
यह रिपोर्ट The Morning Star | Sunil Sharma के लिए तैयार की गई है।
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
प्रश्न 1: शरिया कानून क्यों लागू है?
उत्तर: आचे को 2001 में विशेष स्वायत्तता मिली, जिसके बाद यहां शरिया कानून लागू किया गया।
प्रश्न 2: क्या पूरे इंडोनेशिया में शरिया कानून है?
उत्तर: नहीं, शरिया कानून केवल आचे प्रांत में लागू है।
प्रश्न 3: शरिया कानून तोड़ने पर क्या सजा मिलती है?
उत्तर: अपराध के अनुसार जुर्माना, जेल या कोड़े की सजा दी जाती है।

