देश के चर्चित बैंकिंग मामलों में शामिल ADAG जांच एक बार फिर सुर्खियों में है। सुप्रीम कोर्ट ने अनिल धीरूभाई अंबानी समूह से जुड़े कथित बैंकिंग फ्रॉड मामले में गहन जांच की जरूरत बताई है। अदालत ने कहा कि जांच एजेंसियों को समय पर कार्रवाई करनी चाहिए ताकि जनता का भरोसा बना रहे। सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि अब तक नौ एफआईआर दर्ज की गई हैं। इनमें से सात मामलों में जांच जारी है। एजेंसी के अनुसार अनुमानित नुकसान करीब 27,337 करोड़ रुपये बताया गया है। इसी के बाद ADAG जांच ने राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक और आर्थिक चर्चा तेज कर दी है।
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता Prashant Bhushan ने कहा कि जांच एजेंसियां अनिल अंबानी को मुख्य आरोपित बता रही हैं, लेकिन गिरफ्तारी नहीं हुई। वहीं अनिल अंबानी की ओर से पेश Kapil Sibal ने कहा कि उनके मुवक्किल जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं।सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह गिरफ्तारी का आदेश देने में सावधानी बरतता है। हालांकि कोर्ट ने माना कि ADAG जांच जैसे मामलों में पारदर्शिता और निष्पक्ष कार्रवाई बेहद जरूरी है।अब इस मामले की अगली सुनवाई जुलाई में होगी। देशभर की नजरें अब जांच एजेंसियों की अगली रिपोर्ट पर टिकी हैं।
FAQ
प्रश्न 1: ADAG जांच क्या है?
यह मामला अनिल धीरूभाई अंबानी समूह की कंपनियों से जुड़े कथित बैंकिंग फ्रॉड से संबंधित है।
प्रश्न 2: सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट ने मामले में गहन और समयबद्ध जांच की जरूरत बताई है।
प्रश्न 3: कितना नुकसान बताया गया है?
सीबीआई के अनुसार अनुमानित नुकसान करीब 27,337 करोड़ रुपये है।

