आगरा जलकल घोटाला पाइपलाइन खेल में बड़ी कार्रवाई, GM के अधिकार सीज
आगरा में सामने आया आगरा जलकल घोटाला अब बड़ा मुद्दा बन चुका है। पाइपलाइन मरम्मत और नई लाइन बिछाने के नाम पर करोड़ों रुपये के कथित गड़बड़ी के बाद प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। नगर निगम ने जलकल विभाग के महाप्रबंधक के वित्तीय अधिकार सीज कर दिए हैं।नगरायुक्त अंकित खंडेलवाल के निर्देश पर जांच तेज कर दी गई है। जांच समिति को कई अहम फाइलें नहीं दी गईं, जिससे संदेह और बढ़ गया है। यही वजह है कि आगरा जलकल घोटाला में अधिकारियों की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं।प्रारंभिक जांच में करीब 4.30 करोड़ रुपये की अनियमितता सामने आई है। बताया जा रहा है कि छोटी-छोटी फाइलों के जरिए बड़े भुगतान किए गए। साथ ही स्टॉक में मौजूद सामान के बावजूद नई खरीद दिखाई गई। इससे पूरे मामले में गड़बड़ी के संकेत मिलते हैं।शिकायतकर्ता कैलाश चंद्र ने पहले ही पाइपलाइन कार्य में गड़बड़ी का आरोप लगाया था। जांच में यह भी सामने आया कि कई मामलों में सत्यापन के बिना ही भुगतान कर दिया गया। ऐसे में आगरा जलकल घोटाला की जांच और भी गंभीर हो गई है।प्रशासन ने साफ कर दिया है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी और सभी पहलुओं की जांच जारी रहेगी।
FAQ
Q1. आगरा जलकल घोटाला क्या है?
यह पाइपलाइन कार्य में हुई वित्तीय अनियमितताओं का मामला है
Q2. कितनी रकम का घोटाला सामने आया है?
करीब 4.30 करोड़ रुपये की गड़बड़ी सामने आई है
Q3. किस पर कार्रवाई हुई है?
महाप्रबंधक के वित्तीय अधिकार सीज किए गए हैं
Q4. क्या जांच पूरी हो गई है?
नहीं, जांच अभी जारी है।

