AI समिट विरोध प्रदर्शन | सियासी आरोप-प्रत्यारोप से गरमाया माहौल
दिल्ली में आयोजित AI समिट 2026 के दौरान हुए AI समिट विरोध प्रदर्शन ने राष्ट्रीय राजनीति को नई बहस दे दी है। कार्यक्रम के दौरान इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ प्रदर्शन किया। इसके बाद भाजपा ने इसे देश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाला कदम बताया।
दिल्ली स्थित भारत मंडपम के बाहर हुए AI समिट विरोध प्रदर्शन के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए। कुछ कार्यकर्ताओं ने टी-शर्ट लहराईं, जिन पर राजनीतिक संदेश लिखे थे। भाजपा ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी और कई राज्यों में विरोध जताया।
महाराष्ट्र के भिवंडी और मुंबई में राहुल गांधी के काफिले को काले झंडे दिखाए गए। वहीं, गुजरात और जम्मू-कश्मीर में भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने AI समिट विरोध प्रदर्शन के खिलाफ प्रदर्शन किया।
राजनीतिक विशेषज्ञ मानते हैं कि यह विवाद आने वाले चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकता है। कांग्रेस का कहना है कि ट्रेड डील से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है। दूसरी ओर भाजपा इसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर अनुचित व्यवहार बता रही है।
इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ किया कि AI समिट विरोध प्रदर्शन अब केवल एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय राजनीति का बड़ा मुद्दा बन चुका है।
Sunil Sharma | The Morning Star
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
प्रश्न 1: AI समिट विरोध प्रदर्शन क्यों हुआ?
उत्तर: यह प्रदर्शन भारत-अमेरिका ट्रेड डील से जुड़े मुद्दों को लेकर किया गया।
प्रश्न 2: किन राज्यों में विरोध हुआ?
उत्तर: दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात और जम्मू-कश्मीर में विरोध दर्ज किया गया।
प्रश्न 3: भाजपा की प्रतिक्रिया क्या रही?
उत्तर: भाजपा ने इसे देश की छवि के खिलाफ कदम बताते हुए देशभर में प्रदर्शन किया।

