अन्नामलाई राज ठाकरे विवाद इन दिनों देश की राजनीति में चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है। तमिलनाडु भाजपा के उपाध्यक्ष K. Annamalai और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख Raj Thackeray के बीच जुबानी जंग ने क्षेत्रीय अस्मिता और चुनावी राजनीति को आमने-सामने ला दिया है। यह विवाद तब शुरू हुआ जब राज ठाकरे ने एक जनसभा में “रसमलाई” शब्द का प्रयोग करते हुए तमिल नेताओं पर तंज कसा। इस बयान को अन्नामलाई ने तमिल समाज का अपमान बताया। जवाब में अन्नामलाई ने बेहद कड़े शब्दों में कहा कि वह मुंबई आकर किसी भी चुनौती का सामना करने को तैयार हैं। उनके इस बयान ने विवाद को और तेज कर दिया।
अन्नामलाई ने मुंबई को एक अंतरराष्ट्रीय शहर बताते हुए “ट्रिपल-इंजन सरकार” की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नगर निगम में बीजेपी का मेयर, राज्य में Devendra Fadnavis और केंद्र में प्रधानमंत्री Narendra Modi की सरकार होने से ही मुंबई का बेहतर विकास संभव है। वहीं, राज ठाकरे ने पुराने शिवसेना शैली के नारों को दोहराते हुए पलटवार किया। यह सारा घटनाक्रम ऐसे समय पर सामने आया है, जब मुंबई समेत महाराष्ट्र के कई नगर निगमों में चुनाव नजदीक हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, अन्नामलाई राज ठाकरे विवाद चुनावी माहौल को और गरम कर सकता है।
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FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
प्रश्न 1: विवाद क्यों शुरू हुआ?
उत्तर: यह विवाद राज ठाकरे के “रसमलाई” संबंधी बयान से शुरू हुआ, जिसे अन्नामलाई ने तमिल समाज का अपमान बताया।
प्रश्न 2: अन्नामलाई ने मुंबई को लेकर क्या कहा?
उत्तर: अन्नामलाई ने मुंबई को अंतरराष्ट्रीय शहर बताते हुए ट्रिपल-इंजन सरकार की वकालत की।
प्रश्न 3: क्या इस विवाद का असर चुनावों पर पड़ेगा?
उत्तर: हां, माना जा रहा है कि इसका असर मुंबई और आसपास के निकाय चुनावों में दिख सकता है।

