असम कांग्रेस में नया मोड़ | भूपेन कुमार बोरा इस्तीफा वापसी से थमा सियासी संकट
असम कांग्रेस की राजनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। भूपेन कुमार बोरा इस्तीफा वापसी की खबर ने पार्टी के भीतर चल रहे असंतोष पर विराम लगा दिया है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने अपना इस्तीफा वापस लेने का फैसला किया है। यह निर्णय पार्टी हाईकमान के हस्तक्षेप के बाद लिया गया।
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के राज्य प्रभारी जितेंद्र सिंह ने इस बात की पुष्टि की। सूत्रों का कहना है कि हाईकमान ने संगठनात्मक एकजुटता को प्राथमिकता देते हुए बोरा से संवाद किया। इसके बाद भूपेन कुमार बोरा इस्तीफा वापसी की औपचारिक घोषणा हुई।
इससे पहले खबरें थीं कि दो मुस्लिम विधायक कांग्रेस से अलग होकर रायजोर दल में शामिल हो सकते हैं। ऐसे समय में भूपेन कुमार बोरा इस्तीफा वापसी को चुनावी रणनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है। असम में इस साल मई तक चुनाव संभावित हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम कांग्रेस के लिए राहत भरा है। इससे पार्टी कार्यकर्ताओं में सकारात्मक संदेश गया है।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
प्रश्न 1: भूपेन कुमार बोरा ने इस्तीफा क्यों दिया था?
सूत्रों के मुताबिक संगठनात्मक मुद्दों और आंतरिक मतभेदों के कारण उन्होंने इस्तीफा दिया था।
प्रश्न 2: इस्तीफा वापसी का क्या असर होगा?
इससे असम कांग्रेस में एकजुटता बढ़ेगी और चुनाव से पहले पार्टी को मजबूती मिलेगी।

