अंतरिक्ष में लाखों पथरीले पिंड घूम रहे हैं। इनमें से कुछ नियर-अर्थ ऑब्जेक्ट (NEOs) पृथ्वी की कक्षा को काटते हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार अधिकतर पिंड हानिरहित होते हैं, लेकिन बड़ा क्षुद्रग्रह टकराव वैश्विक संकट बन सकता है। 2013 में रूस के चेल्याबिंस्क में 20 मीटर चौड़ा पिंड वायुमंडल में फटा और हजारों लोग घायल हुए। यह घटना चेतावनी थी कि खतरा वास्तविक है।
पृथ्वी की सुरक्षा का पहला कदम है—समय पर पहचान। नासा और अन्य अंतरिक्ष एजेंसियां आधुनिक टेलीस्कोप से लगातार आकाश की निगरानी करती हैं। यदि संभावित क्षुद्रग्रह टकराव दशकों पहले पहचान लिया जाए, तो उसकी दिशा में हल्का बदलाव काफी होता है।
2022 में NASA के DART मिशन ने दिखाया कि अंतरिक्ष यान से टक्कर कर पिंड की कक्षा बदली जा सकती है। इसे “काइनेटिक इम्पैक्ट” तकनीक कहा जाता है। वैज्ञानिक “ग्रैविटी ट्रैक्टर” जैसे विकल्पों पर भी काम कर रहे हैं। परमाणु विस्फोट अंतिम उपाय माना जाता है।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
प्रश्न 1: क्या अभी कोई क्षुद्रग्रह पृथ्वी की ओर आ रहा है?
उत्तर: वैज्ञानिकों के अनुसार वर्तमान में कोई बड़ा खतरा नहीं है।
प्रश्न 2: क्षुद्रग्रह टकराव कितना खतरनाक हो सकता है?
उत्तर: छोटे पिंड स्थानीय नुकसान करते हैं, जबकि बड़ा टकराव वैश्विक जलवायु पर असर डाल सकता है।
प्रश्न 3: क्या हम क्षुद्रग्रह की दिशा बदल सकते हैं?
उत्तर: हां, DART मिशन ने यह साबित किया है।

