CBSE बोर्ड परीक्षा विवाद | IIT-JEE स्तर के कठिन सवालों पर बढ़ी कानूनी लड़ाई
CBSE बोर्ड परीक्षा विवाद क्या है?
इस वर्ष CBSE बोर्ड परीक्षा विवाद ने देशभर में चर्चा तेज कर दी है। छात्रों और अभिभावकों का आरोप है कि बोर्ड परीक्षा में IIT-JEE स्तर के कठिन सवाल पूछे गए। उनका कहना है कि प्रश्नपत्र का स्तर निर्धारित सिलेबस से अधिक कठिन था। इसी मुद्दे को लेकर कोर्ट में याचिका भी दायर की गई है।
याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि बोर्ड परीक्षा और प्रतियोगी परीक्षा का उद्देश्य अलग होता है। बोर्ड परीक्षा का मकसद बुनियादी समझ और पाठ्यक्रम की जानकारी को परखना है। वहीं IIT-JEE जैसी परीक्षाएं उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए होती हैं।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रश्न सिलेबस के भीतर हैं, तो उनका विश्लेषणात्मक होना गलत नहीं है। हालांकि, अचानक कठिन स्तर बढ़ने से छात्रों पर मानसिक दबाव पड़ता है। फिलहाल, CBSE बोर्ड परीक्षा विवाद पर कोर्ट की सुनवाई का इंतजार है। इस मामले का असर भविष्य की परीक्षा नीति पर भी पड़ सकता है।
FAQ
प्रश्न 1: CBSE बोर्ड परीक्षा विवाद क्यों हुआ?
उत्तर: छात्रों ने आरोप लगाया कि परीक्षा में IIT-JEE स्तर के कठिन सवाल पूछे गए।
प्रश्न 2: क्या कोर्ट में याचिका दायर हुई है?
उत्तर: हां, प्रश्नपत्र के स्तर की जांच के लिए याचिका दायर की गई है।
प्रश्न 3: क्या छात्रों को राहत मिल सकती है?
उत्तर: कोर्ट के फैसले के आधार पर ग्रेस मार्क्स या समीक्षा संभव है।

