दिल्ली बाइकर डेथ केस | कोर्ट का सख्त रुख, जमानत से इनकार
दिल्ली के जनकपुरी में हुए दिल्ली बाइकर डेथ केस ने राजधानी में निर्माण कार्यों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में सेशन कोर्ट ने गिरफ्तार दो कॉन्ट्रैक्टर और एक सब-कॉन्ट्रैक्टर की जमानत याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने माना कि जांच अभी शुरुआती चरण में है और आरोपियों को राहत देने से गवाहों पर दबाव बन सकता है।
5 फरवरी की रात 25 वर्षीय कमल भयानी दिल्ली जल बोर्ड की निर्माण साइट पर खोदे गए गड्ढे में गिर गए थे। अगले दिन सुबह PCR कॉल के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। परिवार का आरोप है कि साइट पर न तो बैरिकेडिंग थी और न ही चेतावनी बोर्ड। इसी आधार पर दिल्ली बाइकर डेथ केस दर्ज हुआ।
अदालत ने कहा कि अपराध की गंभीरता और उसके सामाजिक प्रभाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। पुलिस का दावा है कि कुछ आरोपी पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहे थे। अब तक दो गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और तीन अधिकारियों को निलंबित किया गया है। यह मामला केवल एक हादसा नहीं बल्कि शहरी सुरक्षा प्रबंधन की बड़ी चुनौती को उजागर करता है।
Sunil Sharma | The Morning Star
FAQ
प्रश्न 1: दिल्ली बाइकर डेथ केस क्या है?
यह जनकपुरी में गड्ढे में गिरने से युवक की मौत से जुड़ा मामला है।
प्रश्न 2: कोर्ट ने जमानत क्यों खारिज की?
कोर्ट को आशंका है कि आरोपी सबूतों से छेड़छाड़ कर सकते हैं।
प्रश्न 3: क्या जांच जारी है?
हाँ, पुलिस अभी सबूत जुटा रही है।

