दिल्ली ब्लास्ट केस | वाइट कॉलर मॉड्यूल और डॉक्टरों की भूमिका पर बड़ा खुलासा
By Sunil Sharma | The Morning Star
दिल्ली ब्लास्ट केस में क्या सामने आया?
दिल्ली ब्लास्ट केस को लेकर जांच एजेंसियों ने बड़ा खुलासा किया है। जम्मू-कश्मीर पुलिस और NIA की संयुक्त जांच में सामने आया कि कुछ शिक्षित और पेशेवर लोग कथित तौर पर एक ‘वाइट कॉलर’ मॉड्यूल से जुड़े थे। इस नेटवर्क का नाम ‘अंसार अंतरिम’ बताया गया है।
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली ब्लास्ट केस की जांच के दौरान कई संदिग्ध कड़ियां मिलीं। यह नेटवर्क कथित रूप से 2016 से सक्रिय था और कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित था। लाल किले के पास हुए धमाके के बाद जांच तेज हुई और कई लोगों को हिरासत में लिया गया।
एजेंसियों का कहना है कि इस मामले में टेरर फंडिंग, म्यूल अकाउंट्स और अंतरराज्यीय नेटवर्क की भूमिका की भी जांच हो रही है। दिल्ली ब्लास्ट केस अब राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा बड़ा मामला बन चुका है।
जांच अभी जारी है। अधिकारियों ने कहा है कि सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
प्रश्न 1: दिल्ली ब्लास्ट केस क्या है?
उत्तर: यह मामला 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास हुए कार धमाके से जुड़ा है, जिसकी जांच NIA कर रही है।
प्रश्न 2: ‘वाइट कॉलर मॉड्यूल’ क्या है?
उत्तर: ऐसे संदिग्ध नेटवर्क को कहा जाता है, जिसमें पेशेवर या शिक्षित लोग शामिल हों।
प्रश्न 3: क्या जांच पूरी हो चुकी है?
उत्तर: नहीं, दिल्ली ब्लास्ट केस की जांच अभी जारी है।

